कोल इंडिया में वेतन समझौते पर आज बन सकती है बात

यूनियन का कहना है कि बढ़ोत्तरी से कंपनी पर महज चार हजार करोड़ रुपए का वित्तीय बोझ पड़ेगा।

By: Shiv Singh

Published: 18 Aug 2017, 10:19 AM IST

कोरबा. कोल इंडिया में लंबित १०वें वेतन समझौते के आज पूरा होने के आसार हैं। इसकी जानकारी यूनियन नेताओं ने दी है। यूनियन का कहना है कि बढ़ोत्तरी से कंपनी पर महज चार हजार करोड़ रुपए का वित्तीय बोझ पड़ेगा।
जेबीसीसीआई- १० की सातवीं बैठक गुरुवार को रांची के कल्चरल सेंटर में हुई। प्रबंधन ने पूरानी बातों को दोहराते हुए वेतन भत्ते पर पहले ३००० हजार करोड़ रुपए के पैकेज देने की बात कही। इसे यूनियन ने खारिज कर दिया। मूल वेतन में २५ फीसदी की बढ़ोत्तरी और चार फीसदी इंक्रीमेंट की मांग की। लेकिन प्रबंधन ३५०० करोड़ रुपए से अधिक राशि देने से मना कर दिया। तब श्रमिक नेताओं ने यह जानने का प्रयास किया २५ फीसदी तक वेतन बढ़ोत्तरी होती है तो कंपनी पर कितना भार पड़ेगा? एक फीसदी २५ फीसदी की बढ़ोत्तरी पर होने वाली खर्च का लेखा जोखा प्रस्तुत करने के लिए कहा। तब प्रबंधन ने बताया कि २५ फीसदी की बढ़ोत्तरी से कंपनी पर करीब आठ करोड़ रुपए का वित्तीय बोझ आएगा। जबकि यूनियन की गणना के अनुसार कंपनी पर करीब चार हजार करोड़ रुपए का बोझ पडऩे की बात कही गई।

यूनियन ने गणना का सूत्र पूछा। प्रबंधन ने संडे और ओवर टाइम पर होने वाली खर्च का भी हवाला दिया। इसका यूनियन ने यह कहकर विरोध किया था कि ये दोनों सुविधाएं पहले से बंद की जा रही है। इसे वेतन बढ़ोत्तरी पर फार्मूला में शामिल नहीं करने की मांग की। इसे लेकर देर शाम प्रबंधन के साथ श्रमिक संगठनों की चर्चा हुई। प्रबंधन ने पूरानी बातों को दोहराते हुए वेतन भत्ते पर पहले 3000 हजार करोड़ रुपए के पैकेज देने की बात कही। श्रमिक नेताओं का कहना है कि चर्चा सकारात्मक रही है। शुक्रवार को समझौता पूरा होने के आसार हैं। बैठक में कोल इंडिया चेयरमैन एस भट्टाचार्य, वित्त निदेशक, एसईसीएल, ईसीएल और डब्ल्यूसीएल सीएमडी और चारों प्रमुख यूनियन के पदाधिकारी उपस्थित थे।

Shiv Singh Desk
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