कोल इंडिया ने गेवरा-दीपका को कोयला उत्पादन इतना टन बढ़ाने दिया लक्ष्य, पढि़ए खबर...

Vasudev Yadav

Publish: Dec, 07 2017 03:58:13 (IST) | Updated: Dec, 07 2017 04:45:51 (IST)

Korba, Chhattisgarh, India
कोल इंडिया ने गेवरा-दीपका को कोयला उत्पादन  इतना टन बढ़ाने दिया लक्ष्य, पढि़ए खबर...

वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने गेवरा और दीपका खदान से उत्पादन बढ़ाने संबंधित एसईसीएल की अर्जी को स्वीकार कर लिया है।

कोरबा . एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदान गेवरा दीपका का उत्पादन लक्ष्य इस वित्तीय वर्ष में 12 मिलियन टन बढ़ गया है। इसके साथ ही दोनों खदानों को वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक 84 मिलियन टन कोयले का उत्पादन लक्ष्य दिया गया है। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने गेवरा और दीपका खदान से उत्पादन बढ़ाने संबंधित एसईसीएल की अर्जी को स्वीकार कर लिया है।

पिछले सप्ताह दिल्ली में पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें गेवरा दीपका से उत्पादन बढ़ाने को मंजूरी दी गई। गेवरा खदान से कोयले का उत्पादन 41 मिलियन टन से बढ़ा कर 49 मिलियन टन का निर्णय लिया गया। दीपका खदान से उत्पादन बढ़ाने संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। दीपका से 31 मिलियन के बजाए 35 मिलियन टन कोयले का उत्पादन चालू वित्तीय वर्ष में किया जाएगा। गेवरा खदान से कोयला खनन के लिए सरकार ने 4184 हेक्टेयर जमीन एसईसीएल प्रबंधन को दी है। दीपका खदान से कोयला खनन के लिए 1999 हेक्टेयर जमीन सरकार ने दी है। इसलिए प्रबंधन लक्ष्य के अनुरूप काम करने में जुट गया है।

मिशन 2020 की तैयारी में कोल इंडिया
कोल इडिया मिशन 2020 पर कार्य कर रहा है। इस अवधि में कोयले का उत्पादन एक बिलियन टन करना है। गेवरा, दीपका और कुसमुंडा खदान का विस्तार इस नीति का हिस्सा है। आने वाले दिनों में मानिकपुर कोयला खदान के लिए भी जनसुनवाई होनी है। मानिकपुर से कोयले का उत्पादन का 3.50 मिलियन टन से बढ़ाकर 5.25 मिलियन टन करना है। कुसमुंडा खदान के विस्तार की भी तैयारी की जा रही है।

160 मिलियन लक्ष्य
कोल इंडिया ने चालू वित्तीय वर्ष में एसईसीएल को 160 मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य दिया है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में कंपनी ने करीब 140 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया था। कोरबा जिले में एसईसीएल की तीन बड़ी ओपेन कॉस्ट कोल माइंस है। इसमें गेवरा, दीपका और कुसमुंडा शामिल है। इसके अलावा कोरबा जिले में एसईसीएल की आठ अंडर ग्राउंड कोयला खदाने हैं।

पिछले साल 85 मि. टन उत्पादन
पिछले साल गेवरा, दीपका और कुसमुंडा खदान से 85.48 मिलियन टन कोयले का उत्पादन हुआ था। इसमें गेवरा से 36.65, दीपका से 28.44 और कुसमुंडा से 20.39 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया गया था।

गेवरा 41 मिलियन टन
वर्तमान में गेवरा खदान से 41 मिलियन टन कोयले का वार्षिक उत्पादन किया जाता है। दीपका खदान से 31 मिलियन टन कोयले का वार्षिक उत्पादन होता है। लक्ष्य बढऩे के बाद चालू वित्तीय वर्ष में 12 मिलियन टन कोयले का उत्पादन अधिक करना होगा।

 

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned