होम आइसोलेशन या क्वारेंटाईन सेंटर में रहने वाले लोगों से बाहर नहीं निकलने कलेक्टर की अपील, कहा- जरूरी सामान पहुंचाए जाएंगे घर तक

Coronavirus: विदेश यात्रा करके लौटे या किसी अन्य राज्य से कोरबा जिले में आने वाले लोगों को जिला प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए होम आईसोलेशन या क्वारेंटाईन सेंटर में रखा गया है। कलेक्टर किरण कौशल ने इन सभी लोगों से किसी भी परिस्थिति में अपने घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।

कोरबा. गुरुवार को कलेक्टर ने सभी विकासखण्डों के अधिकारियों के साथ वीडियोकॉन्फे्रंसिंग के माध्यम से जुड़कर जिले में कोरोना वायरस की रोकथाम और प्रभावी नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा, एडीएम संजय अग्रवाल, जिला पंचायत के सीईओ एस जयवर्धन सहित सीएमएचओ डॉक्टर बीबी बोर्डे और डीपीएम पद्माकर सिंदे तथा अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

कलेक्टर ने कहा कि कोरोना प्रभावित देशों या भारत के कोरोना प्रभावित क्षेत्र से लौटे लोगों के कारोना संक्रमित होने की सम्भावना है। ऐसे लोग अपने घरों में ही रहें, उनके बाहर निकलने पर संक्रमण अन्य लोगों तक फैलने का डर है। बाहर से आए लोग अपने घरों में अपने पारिवारिक सदस्यों से भी जहां तक हो सके आईसोलेशन बनाकर रखें ताकि परिवार के दूसरे सदस्य को कोरोना के संक्रमण से बचाया जा सके।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विदेश यात्रा से लौटे या किसी अन्य राज्य से कोरबा जिले के शहरी या ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले एक माह में आए लोगों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिन्हांकित कर उन्हें होम आइसोलेशन में रखा गया है।

कुछ लोगों को कोरबा शहर के रसियन हॉस्टल में बनाए गए क्वारेंटाईन सेंटर में भी सबसे अलग रखा गया है। अपने-अपने घरों में ही होम आईसोलेशन में रखे गए लोगों के दरवाजों पर स्टीकर लगाकर आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी गई है।

स्टीकर लगे घरों में रहने वाले सभी लोगों को किसी भी हालत में घरों से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी गई है। ऐसे लोगों के घर से बाहर निकलने पर पड़ोसियों या अन्य किसी व्यक्ति द्वारा उसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग या पुलिस को देने की अपील भी कलेक्टर ने लोगों से की है। ऐसे होम आईसोलेशन में रखे गए परिवारों का दिन में दो बार स्वास्थ्य परीक्षण करने के निर्देश कलेक्टर ने आज स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए हैं।

स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान ऐसे आईसोलेटेड परिवारों के सदस्यों का सर्दी, खांसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ मुख्य रूप से जांचे जाएंगे और इसका दैनिक रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। कोरोना वायरस के संक्रमण के कोई भी लक्षण परिलक्षित होने पर उसकी तत्काल सूचना जिला अस्पताल को दी जायेगी और ऐसे व्यक्ति को ईलाज के लिये आईसोलेशन वार्ड में भर्ती किया जाएगा।

पूरी तरह से होम आईसोलेशन में रखे गए परिवारों को यदि लॉकडाउन की इस अवधि में खाने-पीने के किसी सामान की जरूरत हो तो भी उसे घर से बाहर निकलने की आवश्यकता नहीं होगी। जरूरत का सभी सामान राशन आदि उस परिवार को घर पहुंच सेवा के तहत् नगर निगम द्वारा बनाए गए वालिन्टियरों के माध्यम से घर तक पहुंचाकर दिया जाएगा। आईसोलेशन में रखे गये किसी भी व्यक्ति द्वारा या उसके परिवार के सदस्य द्वारा घर से बाहर निकलने पर कड़ी कार्यवाही भी की जाएगी। कलेक्टर ने यह भी कहा कि होम आईसोलेशन में रह रहे लोगों का हाल-चाल जानने पुलिसकर्मी भी दिन में दो-तीन बार उनके घर जाएं और इस दौरान लोगों को घर में रहने की ही समझाईश दें।

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Vasudev Yadav Desk
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