लोकेशन ट्रेस करते हुए पीछा करती रही टीम, उधर आगे चल रहे हाथी ने महिला को कुचल मार डाला...

Elephant Attack : रात में कोरबा वनमंडल से 42 किमी की दूरी तय कर पाथा पहुंच गया दंतैल, कटघोरा वनमंडल को सूचना देने में देरी, घटना के 25 मिनट बाद पहुंचा अमला

कोरबा. मंगलवार की रात दंतैल हाथी गणेश कोरबा वनमंडल से 42 किमी का सफर तय कर कटघोरा वनमंडल के ग्राम पाथा पहुंच गया। लोकेशन ट्रेस करते हुए वन विभाग की टीम पीछा करते रही और उधर आगे चल रहे गणेश ने महिला को कुचल दिया। महिला की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। कोरबा वनमंडल के अधिकारियों के मुताबिक गणेश हाथी पिछले कुछ दिनों से कोरबा रेंज के अलग-अलग परिक्षेत्र में उत्पात मचा रहा था। कुछ दिन पहले वह वापस धरमयजगढ़ की ओर चला गया था, लेकिन सोमवार को वह फिर कुदमुरा रेंज होते हुए कोरबा के आसपास पहुंच गया।

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मंगलवार की रात को गणेश कोरबा रेंज से 42 किमी की दूरी तय कर कटघोरा वनमंडल पहुंच गया। कछार, सतरेंगा से लगे जंगल से वह सुबह सवा नौ बजे हसदेव नदी के तट पर बसे पाथा गांव में एक महिला को रौंद दिया। महिला बुधवारो बाई 62 वर्ष सुबह नदी की ओर जा रही थी। इसी बीच दंतैल ने पीछे से आकर महिला को रौंद दिया। महिला की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के ठीक 25 मिनट बाद लोकेशन का पीछा करते हुए जब कोरबा वनमंडल के अधिकारी मौके पर पहुंचे तब उनको हाथी के हमले की जानकारी हुई। इसके बाद कटघोरा वनमंडल के अधिकारियों को जानकारी दी गई। स्थानीय अधिकारी मौके पर पहुंच कर महिला के परिजनों को तत्कालिक तौर पर 25 हजार की सहायत राशि दी गई है।

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नदी के दूसरे तट से लोग चिल्ला रहे थे, महिला सुन नहीं पाई
पाथा के सरपंच सुमन राज ने बताया कि नदी के दूसरे तट पर सुबह नहा रहे लोगों ने हाथी को देख लिया था। सभी ने बुधवारो बाइे को आवाज देकर वहां से भागने को कह रहे थे, लेकिन महिला आवाज सुन नहीं सकी। इसी बीच दंतैल पीछे से आया और महिला को रौंद दिया।

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कॉलर आइडी की उपयोगिता पर उठने लगे सवाल
कॉलर आइडी की उपयोगिता पर अब सवाल उठने लगे हैं। हाथी एक वनमंडल से दूसरे वनमंडल पहुंच जाता है। टीम को इसकी जानकारी भी है कि हाथी कहां जा रहा है। उसके बाद भी दूसरे रेंज के अधिकारियों तक सूचना नहीं पहुंच सकी। अगर समय पर हाथी की जानकारी मिल जाती तो यह घटना नहीं होती। अधिकारियों के आपसी सामंज्सय में कमी की वजह से इस तरह की स्थिति निर्मित हो रही है।

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कुछ दिन पहले ही तीन हाथियों को खदेड़ा गया था
कुछ दिन पूर्व ही वन विभाग ने तीन हाथियों को इस क्षेत्र से खदेड़ा था। दरअसल हसदेव नदी के किनारे बसे होने की वजह से हाथी इस गांव से होकर गुजरते हैं। कुछ दिन पहले जब तीन हाथियों का झुंड इस गांव के करीब पहुंच गया था तब वन विभाग ने घरीपखना की ओर हाथियों को खदेड़ा था। इधर कोरबी में एक दर्जन से अधिक हाथियों ने कई एकड़ खेत को नुकसान पहुंचाया है।

Vasudev Yadav
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