ईएसआईसी : 100 बेड अस्पताल तैयार, आचार संहिता लगने से पहले होना था लोकार्पण, पर नहीं हुआ, ये है वजह...

- अब छह महीने का और इंतजार

By: Vasudev Yadav

Published: 10 Mar 2019, 09:35 PM IST

कोरबा. 95 करोड़ की लागत से १०० बेड ईएसआईसी अस्पताल बनकर तैयार हो चुका है। जिलेवासियों को पूरी उम्मीद थी कि आचार संहिता लगने से पहले सरकार इसका लोकार्पण करेगी। लेकिन केन्द्र स्तर पर डॉक्टरों व स्टॉफ की भर्ती नहीं होने की वजह से इसका लोकार्पण नहीं हो सका है। अब छह महीने का इंतजार और करना पड़ेगा।

कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा ६ साल पहले रामपुर में १०० बेड अस्पताल के लिए भूमिपुजन किया गया था। उसके बाद अस्पताल का निर्माण शुरू हुआ। इसे पूरा करने का लक्ष्य साढ़े ३ साल रखा गया था। लेकिन निर्माण में लेटलतीफी की वजह से इसमेें पांच साल लग गए। दिसंबर से उम्मीद थी कि जनवरी या फिर फरवरी में इसकी शुरुआत कर दी जाएगी। पर ऐसा हो नहीं सका है।

जिले में ३५ हजार से अधिक मजदूर हैं। जिनको इसका लाभ मिलता। रविवार को आचार संहिता लग गई। लेकिन अस्पताल की शुरुआत नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि ईएसआईसी ने १०० बेड का अस्पताल का निर्माण तो करवा लिया। लेकिन स्टॉफ को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। डॉक्टर न पैरामेडिकल स्टॉफ के भर्ती होने की वजह से अस्पताल का फीता नहीं काटा गया। अब तीन महीने आचार संहिता का इंतजार करना पड़ेगा। फिर नई सरकार बनने के बाद अस्पताल की शुरुआत की जाएगी।
Read More : एसईसीएल में 39 कर्मचारी बनेंगे माइनिंग सरदार, रिजल्ट हुआ घोषित

चार जगह डिस्पेंसरी से लोग हैं परेशान
उद्योगों में कार्यरत असंगठित मजदूरों की पहले कोई सुध नहीं ली जा रही है। केंद्र सरकार ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम का गठन किया। इनके वेतन से एक निश्चित राशि की कटौती करके सुविधाओं का लाभ दिया गया। वर्तमान में असंगठित सभी श्रमिकों व कर्मचारियों को ईएसआईसी के दायरे में लाया जा रहा है। इलाज के लिए अब तक सिर्फ डिस्पेंसरी ही खोले गए हैं। जिले के कोरबा, बालकोनगर, जमनीपाली, उरगा व दीपका मेंं डिस्पेंसरी खोली गई। लेकिन यहां नाम की सुविधा मिलती थी।नए अस्पताल से ही लोगों को उम्मीदें थी।
कोरबा के 35 हजार के साथ संभाग के 40 हजार मरीजों का इलाज भी यहीं
कोरबा के ३५ हजार कार्डधारियों के साथ-साथ संभाग के ४० हजार मरीजों को अस्पताल शुरू होने की उम्मीद थी। अंबिकापुर, रायगढ़, कोरिया के मरीजों का भी इलाज यहीं होना है। लेकिन अब फिर से रेफर कराने की सुविधा लेनी होगी।

Vasudev Yadav
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned