राखी के लिए इस तरह गंदगी में बनाई जा रही मिठाई, खाद विभाग ने लिया सेम्पल

राखी के लिए इस तरह गंदगी में बनाई जा रही मिठाई, खाद विभाग ने लिया सेम्पल

Vasudev Yadav | Updated: 13 Aug 2019, 08:02:16 PM (IST) Korba, Korba, Chhattisgarh, India

रक्षा बंधन और स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पहले त्यौहारी सीजन के दौरान जिले की मिठाई दुकानों, होटलों और रेस्टोरेंटों में नकली मिठाई की बिक्री रोकने के लिए सैंपलिंग की गई। मंगलवार की दोपहर टीएल मीटिंग में दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण करने का निर्देश कलेक्टर किरण कौशल ने दिए हैं।

कोरबा. खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के अफसर टीएल मीटिंग में मिले निर्देश के बाद मिठाई दुकानो में सैंपलिंग करने पहुंचे। इस दौरान खाद्या एवं सुरक्षा विभाग के साथ ही औषद्यी प्रशासन विभाग के अफसरों ने भी मिठाई दुकानों का जायजा लिया।
रक्षा बंधन और स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पहले त्यौहारी सीजन के दौरान जिले की मिठाई दुकानों, होटलों और रेस्टोरेंटों में नकली मिठाई की बिक्री रोकने के लिए सैंपलिंग की गई। मंगलवार की दोपहर टीएल मीटिंग में दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण करने का निर्देश कलेक्टर किरण कौशल ने दिए हैं। इसके बाद शाम को विभागीय अधिकारियों दुकानों की सैंपलिंग शुरू कर दी। त्यौहारी सीजन में भारी मात्रा में नकली खोवा की आवक की संभावना रहती है। इसके मद्देजनर मिठाई निर्माताओं के फैक्टरियों की भी जांच के निर्देश कलेक्टर ने दिए हैं।
इस वर्ष स्वत्रंता दिवस और रक्षा बंधन का त्यौहार एक ही दिन है। इसके कारण मिठाई दुकानो में १५ अगस्त को अनूमन जितनी मिठाईयां बनती थी। उससे दोगुना मिठाई का ऑर्डर मिला हुआ है। अब कम समय में ज्यादा सलाई करने के लिए नकली खोवा व अमानक पदार्थों की संभावना भी बढ़ गई है। शहर में दो दर्जन से ज्यादा छोटे बड़े मिष्ठान भंडार हैं। जहां से गुणवत्ताहीन मिठाईयों की शिकायत विभाग को मिलती रहती है। औसतन एक मिठाई दुकान से प्रतिदिन १५ से २० किलो मिठाई सामान्य दिनों में बिक्री होती है। जबकि त्योहारी सीजन में मिठाइयों की खपत तीन से चार गुना बढ़ जाता है। शहर में दूध, खोवा की मात्रा सीमित है। बावजूद इसके दुकानों द्वारा सप्लाई का ऑर्डर ले लिया जाता है। कभी भी ऑर्डर का मना नहीं किया जाता। एक बार सैंपलिंग होने के बाद इसकी रिपोर्ट आने में महीनो लग जाते हैं। ठोस कार्यवाही हुई या नहीं इसका पता भी नहीं चलता।

दूध पाउडर का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर
त्योहारों के मौसम मे हर व्यवसायी ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाना चाहता है। लेकिन दुग्ध विक्रेताओं द्वारा हर मौसम में उतने ही दूध का उत्पादन किया जाता है। कुछ दुग्ध विक्रता भी चालाकी से ज्यादा दूध का ऑर्डर लेते हैं। जिसकी पूर्ति के लिए दूध पाउडर का जमकर इस्तेमाल होता है। कई बार अन्य पदार्थों से भी दूध बना कर बाजार में बेच देते हैं।

इस पहलु पर भी जांच की दरकार
एक पक्ष यह भी है मिलावटी मिठाई अब पुरानी बात हो चुकी है। विभाग भी सक्रिय है इसलिए लोग भी जागरूक हो चुके हैं। मिष्ठान विक्रताओं के संघ के पदाधिकारी भी मिठाई व्यापारियों को हर बार कहते हैं कि मिलावट या घटिया मिठाई न बनाएं। विशेषज्ञों की मानें तो अब शासन को शक्कर, तेल व खाने वाले रंग की मैन्यूफैक्चरिंग पर ध्यान देना चाहिए। सरकारी दूध व दूध पाउडर की भी जांच होनी चाहिए। कई बार ये वस्तुएं गुणवत्ताहीन होती हैं। जिसके कारण सैंपल फेल हो जाते हैं।

इन दुकानों में की गई सैंपलिंग
विभाग के अभिहीत अधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा पुराना बस स्टैंड, कोरबा के आस पास स्थित मिष्ठान भण्डार, रेस्टॉरेंट की जांच की गई। इस दौरान गणेश डेयरी एण्ड क्रिमरी से कलाकंद, मधु स्वीट्स से पेड़ा का नमूना जांच हेतु लिया गया अन्य विक्रेताओं को साफ सफाई और नियम के तहत कार्य करने हेतु निर्देश दिए गए।

वर्जन
त्यौहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए पुराना बस स्टैंड सहित अन्य मिठाई दुकानों से सैंपल लिए गए हैं। साफ-सफाई रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आरआर देवांगन, खाद्य सुरक्षा अधिकारी

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