खुद को बताया बैंक का अधिकारी, फिर दो दिन में क्रेडिट कार्ड से कर ली पांच लाख रुपए की ठगी

Fraud News: दिल्ली से दो युवक गिरफ्तार, आरोपियों में एक सराफा व्यापारी भी शामिल

कोरबा. खुद को बैंक अधिकारी बताकर क्रेडिट कार्ड से लगभग पांच लाख रुपए की ठगी के आरोप में पुलिस ने दिल्ली के एक गिरोह से दो युवकों को गिरफ्तार किया है। इसमें एक सराफा व्यापारी है। दर्री सीएसपी खोमन लाल सिन्हा ने बताया कि ठगी के आरोप में कुलदीप सिंह और शिवम सोनी को गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली के रहने वाले हैं। कुलदीप खुद को बैंक अधिकारी बताकर क्रेडिट कार्डधारक को कॉल करता था। क्रेडिट कार्ड बंद होने की झूठी सूचना देकर कार्ड का नंबर, एक्सपाइरी डेट और सीवीसी नंबर हासिल करता था। इसके जरिए ठगी को अंजाम देता था। दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी केस दर्ज किया गया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। यहां से जेल भेज दिया गया।

सीएसपी सिन्हा ने बताया कि ठगी की यह घटना कोरबा के ट्रांसपोर्ट नगर में रहने वाले संतोष कुमार गुप्ता के साथ हुई थी। संतोष ने दीपका के प्रगतिनगर स्थित स्टेट बैंक की शाखा से एक क्रेडिट कार्ड अपने नाम से जारी कराया था। इस कार्ड की लिमिट पांच लाख रुपए थी। संतोष पांच लाख रुपए तक का सामान कार्ड से खरीद सकता था। संतोष क्रेडिट कार्ड का उपयोग नहीं कर रहा था। इस बीच 07 मार्च 2019 को संतोष के मोबाइल पर एक कॉल आया। इसमें कॉलर ने खुद को स्टेट बैंक का अधिकारी बताते हुए संतोष के क्रेडिट कार्ड को बंद करने की जानकारी दी।

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संतोष के कारण पूछने पर कॉलर ने कार्ड का उपयोग नहीं होने की जानकारी दी। संतोष कॉलर के भरोसे में आ गया। उसने अपने क्रेडिट कार्ड का नंबर, सीवीसी नंबर, एक्सपाइरी डेट और मोबाइल पर आने वाली ओटीपी को कॉलर के साथ साझा कर दिया। एक नही कई बार संतोष ने ओटीपी को साझा किया। उसके खाते से ठगों ने चार लाख ९९ हजार रुपए के सामान खरीद लिए। इसमें दो-दो लाख रुपए की ज्वेलरी शिवम के सराफा दुकान से की गई थी। 10-10 हजार रुपए तीन किस्तों में निकालकर मोबाइल रिचार्ज खरीदा गया था। क्रेडिट कार्ड से अन्य सामान की भी खरीदी गई थी। पूछताछ में कुलदीप ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर संतोष को कॉल करना बताया है। क्रेडिट कार्ड से पैसे शिवम सोनी के खाते में ट्रांसफर किए गए थे।

बैंक के डिमांड नोट भेजने पर हुआ खुलासा
संतोष के क्रेडिट कार्ड से पांच लाख रुपए की हुई खरीदी की जानकारी उसे नहीं थी। स्टेट बैंक ने संतोष को क्रेडिट नोट भेजकर पैसे जमा करने के लिए कहा। तब मामले का खुलासा हुआ था। संतोष ने घटना की रिपोर्ट दीपका थाने में दर्ज कराई थी।

ठगी से बचने सावधानी जरुरी
इधर, पुलिस ने ठगी से बचनेे के लिए क्रेडिट या डेबिट कार्ड का नंबर, एक्सपाइरी डेट, सीवीसी नंबर और ओटीपी किसी भी व्यक्ति के साथ झासा नहीं करने की सलाह दी है। ठगों को पकडऩे में साइबर सेल प्रभारी हवलदार दुर्गेश राठौर की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।

Vasudev Yadav Desk
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