यहां अज्ञात शव मिलने से फैली सनसनी, पुलिस जुटी जांच में

करतला थानांतर्गत आने वाले ग्राम मदनपुर के डेम के किनारे अज्ञात शव मिलने से सनसनी फैल गई है।

By: Rajkumar Shah

Updated: 10 Nov 2017, 08:10 PM IST

कोरबा/करतला. करतला थानांतर्गत आने वाले ग्राम मदनपुर के डेम के किनारे अज्ञात शव मिलने से सनसनी फैल गई है।

यह इलाका पिछले कुछ समय से काफी संवेदशलील हो चुका है। शुक्रवार की सुबह 8 बजे के यहां लाश मिलने से खलबली मच गई। अज्ञात मृतक की उम्र तककरीबन 60 वर्ष बताई जा रही है। सफेद दाढ़ी व बालों से मृतक की उम्र का अंदाजा लगाय जा रहा है।

इस बारे में करतला थाना को जानकारी दी गई। करतला पुलिस को घटना की जानकारी मिलते ही जांच शुरू हो चुकी है। अज्ञात मृतक डेम में कैसे पहुंचा, उसकी मौत की असली वजह क्या है। मृतक के जेब से मवेशी की खरीदी की रसीद मली है। इन सभी बिन्दुओं पर जांच की जा रहाी है।

जिसमे मवेशी बेचने वाले का नाम गोपाल पिता लक्ष्मन जाति केंवट निवासी छुरी, थाना कटघोरा। जिला कोरबा और खरीदने वाले का नाम सूचित निवासी नैमान जाति उरांव, निवासी चरखपारा, थाना धरमजयगढ़ जिला रायगढ़ अंकित है। इस रसीद से जहीर होता है कि मृतक चरखापारा निवासी है। इस बारे में करतला पुलिस जांच में जुटी है।

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24 लाख की लागत वाले चेकडैम का हो रहा गुणवत्ताहीन निर्माण

कोरबा. वनमण्डल अंतर्गत वनपरिक्षेत्र के ग्राम छुइढ़ोड़ा के सुवाकटा नाला में खनिज न्यास योजना के तहत 24 लाख की लागत से करवाए जा रहे चेकडैम निर्माण में मानकों की धज्जिया उड़ाई जा रही हैं। मानक विहीन चल रहा निर्माण कार्य शासन के भ्रष्टाचार पर कोई समझौता नहीं के पोल खोलने के लिए काफी है। चेकडैम निर्माण में क्रेसर गिट्टी व सीमेंट के 4.1 के मानक से जोड़ाई किए जाने का निर्देश प्रशासन से है। लेकिन इस चेकडेम निर्माण कार्य में निम्न दर्जे की रेत एवम् बोल्डर का इस्तेमाल किया गया है। घटिया निर्माण सामग्री के चलते चेकडैम चंद महीनों में ही भरभरा कर ढह जा सकता हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार वन विभाग सीख लेने को तैयार नहीं है।
यह मामला छुइढ़ोड़ा गांव से पश्चिम की ओर से होते हुए नाले पर सीधे चलने पर 2 किलोमीटर दूर आगे चेकडैम का निर्माण का निर्माण हुआ है। निर्माण कार्य में बड़ा बड़ा बोल्डर एवम् रेत में जोड़ाई की गई है।

चेकडैम निर्माण के लिए शासन की ओर से जारी किए गए आदेश में जोड़ाई के लिए क्रेसर गिट्टी व सीमेंट के 4.1 के अनुपात से मसाला तैयार किया जाना है। इसमें रेत का प्रयोग पूरी तरह वर्जित रहता है। शासन के निर्देश बावजूद न सिर्फ रेत के सहारे जोड़ाई कर चेकडैम की दीवार खड़ी की गई है। बल्कि रेत व सीमेंट का मानक भी सही नहीं है। जोड़ाई के बाद प्लास्टर करने में रेत की जगह मिटटी लगे बालू का प्रयोग किया गया हैं। इससे अंदर का भ्रष्टाचार बाहर से छिप जाता है।

ग्रामीणों ने बताया कि मानकविहीन निर्माण कार्य कुछ महीने पहले उसी स्थान पर की गई थी जिसे घटिया निर्माण की वजह से डेम बह गया था जिसके वावजूद भी वन विभाग ने यह कार्य उसी भरष्ट ठेकेदार को दिया गया है गिट्टी के स्थान पर बोल्डर का उपयोग किया गया है जिससे यह साबित होता है की यह डेम फिर पानी में बह जायेगा और ठेकेदार पप्पू मिश्रा ने मजदूरों की राशि देने के लिए साजा रोपाई बाड़ी पसरखेत में उनकी हाजरी डाली गई है।

Rajkumar Shah Reporting
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