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भीषण गर्मी में पक्षियों को मिले पानी इसलिए पड़े पर डिब्बों में भरकर रखा जा रहा जल

कोरबा/पाली. पक्षियों को भीषण गर्मी से बचाने रंगोले नर्सरी पारा स्कूल के शिक्षक सुनील जायसवाल और छात्र छात्राओं के द्वारा स्कूल के प्रांगण एवं प्रांगण के बाहर में लगे पेड़-पौधों पर पक्षियों के लिए स्वच्छ जल की व्यवस्था 24 घंटे बनाए रखने के लिए प्लास्टिक की कोटना जैसे डिब्बा लगाए गए। इसमें उपलब्ध पानी से पक्षियों को गर्मी में पेड़ पर ही पानी मिल सके।

कोरबा

Published: April 24, 2022 11:41:55 am

कोरबा/पाली. पक्षियों को भीषण गर्मी से बचाने रंगोले नर्सरी पारा स्कूल के शिक्षक सुनील जायसवाल और छात्र छात्राओं के द्वारा स्कूल के प्रांगण एवं प्रांगण के बाहर में लगे पेड़-पौधों पर पक्षियों के लिए स्वच्छ जल की व्यवस्था 24 घंटे बनाए रखने के लिए प्लास्टिक की कोटना जैसे डिब्बा लगाए गए।

भीषण गर्मी में पक्षियों को मिले पानी इसलिए पड़े पर डिब्बों में भरकर रखा जा रहा जल
भीषण गर्मी में पक्षियों को मिले पानी इसलिए पड़े पर डिब्बों में भरकर रखा जा रहा जल

इसमें उपलब्ध पानी से पक्षियों को गर्मी में पेड़ पर ही पानी मिल सके। शिक्षक सुनील जायसवाल एवं स्कूली बच्चों के साथ सेवा कार्यों में जुगाड़ कर अब बढ़ती गर्मी में इससे स्कूल प्रांगण के पेड़ों पर बांधा जा रहा है ताकि पक्षियों को गर्मी के दौरान राहत मिल सके।

पानी के साथ दाना की भी कर रहे व्यवस्था

शिक्षक सुनील जायसवाल ने बताया एक नन्ही चिडिय़ा उड़ते-उड़ते प्राथमिक शाला नर्सरी पारा परिसर में आई, शायद उसे जोरो की प्यास और पानी की तलब थी। नल की टोटी की तरफ आशा भरी निगाहों से उसे खोलने का प्रयास निष्फल होने के बाद वहीं नीचे गड्ढे में पानी दिखाई दिया। उसे पीकर चिडिय़ा उड़ गई। हमें सीख दे गई कि विद्यालय बंद होने पर इन पक्षियों को हर हाल में पीने के लिए जल चाहिए, तारतम्य में शिक्षक ने सामग्री के बहुत सारे डिब्बे बगैर खर्च के जुगाड़ कर उसमें दोनों ओर छेद कर रस्सी से पिरोया, तथा पेड़ की डाल पर,पत्ते की ओट में, नीचे एवं ऊपर पक्षियों के आसानी से पहुंचने के स्थान पर टांग दिया गया,किसी पात्र में चावल तो किसी सकोरा में कनकी व धान ,बहुतों में जल इस तरह सजाया गया कि पंछियों को आसानी से छांव में उपलब्ध हो सके, इन सभी पात्रों में छोटे-छोटे दर्पण भी चिपकाए गए जिससे पंछियों को यहां काफी देर रुकने पर विवश होना पड़े।


नतीजा आने वाले दिवस में नजर आएंगे पर इतना तो तय है कि 46 डिग्री की गर्मी मनुष्य को बेहाल कर रही है,वही दाना चुगने वाले प्राणियों की जान बचाने छोटा सा प्रयास जरूर रंग लाएगा, चिडिय़ा अपने हक के लिए नहीं लड़ सकती वह केवल भाग सकती। बच्चों ने भी इस नेक कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आने वाले दिनों में पेड़ लगाने व प्रकृति के संरक्षण के लिए संकल्प लिया। आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पक्षियों व जानवरों के लिए पानी की व्यवस्था करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

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