Breaking News : बांगो डेम का बढ़ा जल स्तर, चार साल बाद खोले गए तीन गेट, बांगो बस्ती खाली कराने में जुटा प्रशासन

Breaking  News : बांगो डेम का बढ़ा जल स्तर, चार साल बाद खोले गए तीन गेट, बांगो बस्ती खाली कराने में जुटा प्रशासन

Shiv Singh | Publish: Sep, 07 2018 09:44:22 PM (IST) Korba, Chhattisgarh, India

बढ़ते हुए जल भराव को देखते हुए जल संसाधन विभाग द्वारा आज शाम या देर रात तक बांध के गेट खोलकर पानी छोडऩे की बात कही जा रही थी।

कोरबा. जल स्तर बढ़ जाने से बांगो डेम के तीन गेट करीब रात्रि 9.20 में खोल दिए गए हैं। चार साल बाद बांगों के तीन गेट खोले गए हैं 19 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बांगो बस्ती को खाली कराने में प्रशासन भी जुट गया है।

मिनीमाता (हसदेव) बांगो डेम में वर्तमान में 358.28 मीटर तक पानी भर गया है। लगातार वर्षा के कारण जल स्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। बढ़ते हुए जल भराव को देखते हुए जल संसाधन विभाग द्वारा आज शाम या देर रात तक बांध के गेट खोलकर पानी छोडऩे की बात कही जा रही थी।

कलेक्टर मो. कैसर अब्दुल हक ने पानी छोडऩे की स्थिति में प्रभावित गांवों को सूचना देने और बाढ़ की स्थिति निर्मित होने पर उससे निपटने के लिए सभी जरूरी इंतजाम समय पर पूरे करने के निर्देश अनुविभागीय राजस्व अधिकारी पोड़ीउपरोड़ा तथा कटघोरा को दिए हैं। जिला प्रशासन ने दोनों अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को डेम से पानी छोड़े जाने की स्थिति में हसदेव बराज के नीचे, हसदेव बराज के किनारे बाढ़ क्षेत्र में स्थापित गांवों में चल, अचल संपत्ति के बाढ़ से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए उन्हें सुरक्षित स्थान पर हटा लेना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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हसदेव बराज से पानी छोड़े जाने की स्थिति में कोरबा जिले के बांगो, लेपरा, नुनिया, कछार, कोनकोना, पोड़ीउपरोड़ा, चर्रा, पाराघाट, छिनमेर, सिरकीकला, केरा, पाथा, सिलीयारीपारा, तिलसाभाटा, हथमल, छिर्रापारा, डग्गुपारा, करमीपारा, जूनापारा, लोरीडांड, टुंगमुड़ा, तिलाईडाड, नवागांव, झोरा, कोरीघाट, पोंड़ीखेहा, डोंगाघाट, धनगांव, लोटलोटा, नर्मदा, औरकछार, झााबू, सोनगुड़ा, नवागांव, स्याहीमुड़ा, जेलगांव, चारपारा, खैरभवना, बलरामपुर, भलपहरी, जोगीपाली, कोहडिय़ा, राताखार, गेवराघाट, इमलीडुग्गु, कुदुरमाल, बरीडीह, मोहरा, देवरी, चिचोली, कटबितला, झीका, ढिठोली और बिचौली बाढ़ संभावित गांवों में शामिल किये गये हैं।

जांजगीर-चांपा जिले के दो गांव चांपा और देवरी भी संभावित गांवों में शामिल हैं। बराज के नीचे और किनारे के सभी गांवों में चल, अचल संपत्ति को सुरक्षित स्थानों पर हटा लेने की सूचना जारी की गई है। बाढ़ प्रभावित गांवों में स्थापित खनिज, खनिज ठेकेदार, औद्योगिक इकाईयों और संस्थानों को भी अपनी सभी परिसंपत्तियों को बाढ़ क्षेत्र से बाहर सुरक्षित स्थान पर हटा लेने की सूचना जारी की गई है।

जिला प्रशासन ने स्थानीय ग्रामीण और मछुवारों से भी अपील की है कि वे पानी छोड़े जाने की स्थिति में नदी में न जायें। अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों और तहसीलदारों को प्रभावित गांवों में मुनादी कराकर पानी छोड़े जाने की सूचना ग्रामीणों को देने के निर्देश दिये गये हैं। नीचली बस्तियों में पानी भरने की स्थिति से निपटने के लिए सभी व्यवस्थाएं करने के भी निर्देश जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गये हैं।

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