scriptIt takes two days to reach Izzatnagar, till then it gets spoiled | इज्जतनगर तक पहुंचने मेें लगते हैं दो दिन, तब तक बिसरा हो जाता है खराब | Patrika News

इज्जतनगर तक पहुंचने मेें लगते हैं दो दिन, तब तक बिसरा हो जाता है खराब

कोरबा. प्रदेश से करीब 1000 किमी दूर आईव्हीआरआई लैब इज्जतनगर बरेली पहुंचते तक वन्य प्राणियों का बिसरा खराब हो जा रहा है। यही वजह है कि वन्य प्राणियों की मौत के पीछे का राज सामने नहीं आ पा रहा है। वन्य प्राणियों की मौत की वजह स्वभाविक बताकर मामले की जांच बंद कर दी जाती है।

कोरबा

Published: April 26, 2022 11:42:34 am

कोरबा, सरगुजा, जशपुर, रायगढ़, महासमुंद, पेंड्रा समेत कई जिले सबसे अधिक हाथी प्रभावित हैं। इन जिलों में हाथियों की बीते तीन साल में सबसे अधिक मौतें हुई हैं। हाथियों के अलावा अन्य वन्यप्राणियों की भी अलग-अलग हादसे में जान गई हैं। जब-जब जंगलों में सीधे तौर पर शिकार के प्रत्यक्ष प्रमाण मिले तब-तब उस दिशा में जांच की गई, लेकिन जिन मामलों की जांच पूरी तरह से बिसरा की रिपोर्ट पर टिकी हुई थी।

,
इज्जतनगर तक पहुंचने मेें लगते हैं दो दिन, तब तक बिसरा हो जाता है खराब,इज्जतनगर तक पहुंचने मेें लगते हैं दो दिन, तब तक बिसरा हो जाता है खराब

उन मामलों में कभी भी जांच आगे बढ़ी ही नहीं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यही है कि बरेली की दूरी करीब एक हजार किमी है। वन्य प्राणियों की मौत के बाद काफी देर से सूचना मिलती है। जब तक मौके पर पीएम करने और मुख्यालय से अनुमति लेने के बाद बिसरा के साथ बरेली के आईव्हीआरआई लैब तक पहुंचने में कम से कम तीन से चार दिन का समय गुजर जाता है।

वहां पहुंचने के बाद फारेंसिंक जांच के लिए कई बार 10 से 15 दिन तक इंतजार करना पड़ता है। जब जांच होती है तो रिपोर्ट में पता चलता है कि बिसरा को सही पैमाने पर रखकर नहीं लाया गया था या फिर बिसरा खराब हो चुका है।

० किस वनमंडल में बीते तीन साल मेंं कितने हाथियों की जान गई
सूरजपुर 09
जशपुरनगर 05
सरगुजा 02
कोरबा 03
कटघोरा 05
धर्मजयगढ़ 06

० चर्चित मामलों में मौत की वजह ये आई बाहर
तिथि (कटघोरा वनमंडल में) वजह
11 जून 2018 स्वभाविक मृत्यु
19 दिसं. 2018 आपसी द्वंद होनेे से
27 दिसंबर 2019 दलदल में फंसने से
08 जुलाई 2020 मल्टीपल आर्गन फेल्योर
16 दिसंबर 2020 स्वभाविक मृत्यु
28 अक्टूबर 2020 स्वभाविक मृत्यु


० तेंदूए की मौत का राज फाइलों में दफन
जटगा रेंज में 29 अक्टूबर 2020 को पलमा पहाड़ में तेंदुए का शव वन विभाग ने बरामद किया था। बताया जा रहा है कि उसके नाखून गायब थे। मामला पूरी तरह से संदिग्ध था। वन विभाग को तेंदुए के मरने के दो दिन बाद सूचना मिली थी। तेंदुए की भी बिसरा रिपोर्ट बरेली भेजी गई थी, लेकिन रिपोर्ट में किसी तरह की पुष्टि नहीं हुई।


० वन्य जीव वाले इतने बड़े प्रदेश में एक ही फारेसिक लैब तक नहीं
वन्य जीव वाले इतने बड़े प्रदेश में एक भी फारेंसिक लैब तक नहीं है। वर्तमान में इंडियन वैटनरी रिसर्च संस्थान बरेली, चेन्नई, भरतपुर समेत अन्य प्रदेशों में है, लेकिन छत्तीसगढ़ में एक भी लैब नहीं है। हर जिले में हर महीने किसी न किसी वन्य जीव की मौत की खबर आती है, लेकिन ये फारेंसिंक जांच नहीं होने से किसी निष्कर्ष तक वन अमला नहीं पहुंच पाता है।


० एक्सपर्ट व्यू
इसके पीछे कई वजह हो सकते हैं जिसकी कारण से हाथियों के मौत की सही वजह सामने नहीं आ पाती होगी। कई बार बिसरा के लिए सैंपल भेजते समय गलती की जाती है कई बार वन अमले को सूचना मिलने में काफी देर हो जाती है। मौत के तीन से पांच दिन बाद ही सैंपल पहुंच पाता है। कई बार लैब में बिसरा की जांच महीने भर बाद होती है। तब तक बिसरा के खराब होने की संभावना बढ़ जाती है। फॉरेस्ट एक्ट में वन्य जीव की संदिग्ध मौत मामले में एच-2 के तहत केस रजिस्टर करना होता है। केस रजिस्टर होता तो पूरे मामले की कलई खुलती। पोल खुलने और लापरवाही उजागर होने के डर से हाथी की नेचुरल डेथ लिख फाइल बंद कर दी जाती है।
नरेश चंपावत, रिटायर्ड वनमंडलाधिकारी

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

जयपुर में एक स्वीमिंग पूल में रात का सीसीटीवी आया सामने, पुलिसवालें भी दंग रह गएकचौरी में छिपकली निकलने का मामला, कहानी में आया नया ट्विस्टइन 4 राशियों के लोग होते हैं सबसे ज्यादा बुद्धिमान, देखें क्या आपकी राशि भी है इसमें शामिलचेन्नई सेंट्रल से बनारस के बीच चली ट्रेन, इन स्टेशनों पर भी रुकेगीNumerology: इस मूलांक वालों के पास धन की नहीं होती कमी, स्वभाव से होते हैं थोड़े घमंडीबुध जल्द अपनी स्वराशि मिथुन में करेंगे प्रवेश, जानें किन राशि वालों का होगा भाग्योदयधन कमाने की योजना बनाने में माहिर होती हैं इन बर्थ डेट वाली लड़कियां, दूसरों की चमका देती हैं किस्मतCBSE ने बदला सिलेबस: छात्र अब नहीं पढ़ेगे फैज की कविता, इस्लाम और मुगल साम्राज्य सहित कई चैप्टर हटाए

बड़ी खबरें

Maharashtra Political Crisis: शिंदे गुट के दीपक केसरक का बड़ा बयान, कहा- हमें डिसक्वालीफिकेशन की दी जा रही हैं धमकीMaharashtra Politics Crisis: शिवसेना की कार्यकारिणी बैठक खत्म, जानें कौन-कौन से प्रस्ताव हुए पारितMaharashtra Political Crisis: आदित्य ठाकरे का बागी विधायकों पर निशाना, कहा- नहीं भूलेंगे विश्वासघात, हमारी जीत तय हैTeesta Setalvad detained: तीस्ता सीतलवाड़ को गुजरात ATS ने लिया हिरासत में, विदेशी फंडिंग पर होगी पूछताछकर्नाटक में पुजारियों ने मंदिर के नाम पर बनाई फर्जी वेबसाइट, ठगे 20 करोड़ रुपए'अग्निपथ' के विरोध में तेलंगाना के सिकंदराबाद में ट्रेन में आग लगाने वालों की वायरल हो रही वीडियो, पुलिस ने पहचान कर किया गिरफ्तारसावधान! विदेशी शैतानों के निशाने पर हमारी बेटियां... नाबालिग का अपहरण करने कतर से आया था बांदीकुई, दरभंगा से धरा गयाBPSC Paper Leak: पेपर लीक मामले में गिरफ्तार हुए JDU नेता शक्ति कुमार, सबसे पहले पेपर स्कैन कर WhatsApp पर था भेजा
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.