पुरुष नसबंदी में प्रदेश में दूसरे नंबर पर कोरबा, पहले नंबर व सबसे नीचे कौन, पढि़ए पूरी खबर...

- अप्रैल 2018 से फरवरी 2019 तक 5500 का था लक्ष्य

By: Vasudev Yadav

Published: 29 Mar 2019, 10:40 AM IST

कोरबा. पुरुष नसबंदी अभी भी स्वास्थ्य विभाग के लिए टेढ़ी खीर बना हुआ है। हलांकि अब धीरे-धीरे जागरूकता आ रही है पर सफलता उतनी नहीं मिल रही है जितनी की होनी चाहिए। अब यदि डेटा की बात करें तो अप्रैल २०१८ से फरवरी २०१९ तक हुए पुरुष नसबंदी में कोरबा जिला पूरे प्रदेश में सेकेंड टॉप यानि दूसरे नंबर पर है। जबकि पहले नंबर पर कोंडागांव है। कोरबा में ७२७ पुरुषों ने नसबंदी करवाई है। जबकि कोंडागांव जो कि पहले नंबर पर है वहां ७५८ पुरुषों ने नसबंदी कराई है।

अब यदि पूरे प्रदेश की बात करें तो अप्रैल २०१८ से फरवरी २०१९ तक ५५०० का लक्ष्य था इसके एवज में ५०४२ पुरुष नसबंदी की गई। हेल्थ मैनेजमेंट इन्फार्मेशन सिस्टम की ओर से जारी आंकड़े में बताया गया है कि मिशन परिवार विकास परिवार नियोजन का उद्देश्य है कि २०२५ तक कुल प्रजनन दर को कम करके २.१ पर लाना है। हलांकि इसमें पुरुषों की सहभागिता में अपेक्षाकृत कमी देखी जा रही है। बताया गया कि राज्य में महिला नसबंदी और पुरूष नसबंदी के लिए कुल 115 केन्द्र हैं। इनमें से 69 केंन्द्रों में पुरुष नसबंदी की जा रही है।

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13 जिले नहीं छू सके तीन अंको का आंकड़ा
पूरे प्रदेश के लिहाज से पुरुष नसबंदी की सबसे कमजोर स्थिति कोरिया में देखी गई है जहां केवल १० पुरुषों ने नसबंदी करवाई है। इसी कतार में बलरामपुर ११, बेमेतरा १२, बीजापुर ३३, बिलासपुर ३८, दंतेवाड़ा ५६, दुर्ग ९५, जांजगीर १५, जशपुर ४१, नरायणपुर ३१, रायगढ़ ३७, सुकमा ५६ और सरगुजा में ३३ पुरुषों की नसबंदी हुई है। बाकि जो जिले बच गए हैं उन्होंने सौ के आंकड़े को पार किया है।

महिलाओं पर ही जिम्मा
ये और बात है कि जैसे-तैसे लक्ष्य को हासिल कर लिया जाए लेकिन इसके गहराई में जाएं तो ये बात सामने आती है कि नसबंदी या परिवार नियोजन का जिम्मा अभी भी महिलाओं के ही कंधे पर है।

-जिले में पुरुष नसबंदी की दिशा में बेहतर कार्य हुआ है। पूर्व में डा. शिशोदिया थे जो एनएसवीटी के एक्सपर्ट थे ये उनका प्रयास रहा है। हम आगे भी बेहतर करेंगे- डा. ए बोडे, सीएमएचओ, कोरबा
-मिशन परिवार विकास परिवार नियोजन पहल का मुख्य उद्देश्य 2025 तक कुल प्रजनन दर को कम करके 2.१ तक लाने का है। छत्तीसगढ़ इसके लिए अग्रसर है। पुरुष नसबंदी का प्रतिशत 92 प्रतिशत रहा। वहीं समान अवधि में फरवरी 2019 तक महिला नसबंदी में कुल 107 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया- डा. आनंद त्रिपाठी, राज्य वरिष्ठ फैमिली प्लानिंग अधिकारी

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