कोरोना को लेकर नई गाइडलाइन: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने जारी किया ये निर्देश

Coronavirus: कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रसार ने शहरों में अनौपचारिक बस्तियों में रहने वाले लोगों के लिए मुश्किलों को बढ़ा दिया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इन बस्तियों में कोरोना की रोकथाम एवं संक्रमण की निगरानी को लेकर दिशा निर्देश जारी किया है।

By: Vasudev Yadav

Published: 26 May 2020, 11:04 AM IST

कोरबा. कोरोना संक्रमण के इस दौर में लोगों को सामाजिक दूरी अपनाने की निरंतर सलाह दी जा रही है, लेकिन यदि एक छोटे जगह में एक से अधिक लोग रहे रहें हो तो सामाजिक दूरी का अनुपालन करना कठिन हो जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए जारी दिशा निर्देश में इस संबंध में जानकारी दी गई है।

यह बताया गया है कि यदि एक छोटे कमरे में एक से अधिक लोगों को सोना पड़े तो अलग-अलग दिशा में सोना पड़ेगा। यानी एक व्यक्ति के सिर के पीछे विपरीत दिशा में दूसरे व्यक्ति द्वारा पैर रख कर सोया जा सकता है। इससे सामाजिक दूरी का एक हद तक अनुपालन संभव हो सकेगा। पब्लिक शौचालय इस्तेमाल करने के दौरान, सामुदायिक वाटर प्वाइंट़स पर, पीडीएस प्वाइंट्स पर, स्वास्थ्य केंद्रों पर सामाजिक दूरी का ध्यान रखना होगा।

इन जगहों पर रोज सेनेटाइज जरूरी
शौचायल, सामुदायिक नल और ऐसी कॉमन जगहों को रोज़ सेनेटाईज़ करने पर बल दिया है
इस दिशा निर्देश के अनुसार वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार बस्तियों में जरूरत से अधिक लोग निवास भी करते हैं। इसके कारण इन क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण प्रसार को रोकना भी किसी चुनौती से कम नहीं है।

कंटेंनमेंट प्लान के क्रियान्वयन पर बल
कोरोना संक्रमण प्रसार की अधिकता के मद्देनजर किसी क्षेत्र को कंटेंनमेंट जोन घोषित किया जाता है। लेकिन शहरों के अनौपचारिक बस्तियों में कंटेंनमेंट प्लान लागू करने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इसके मद्देनजर दिशानिर्देश में कुछ जरूरी सलाह दी गयी है। यह बताया गया है कि इन बस्तियों में संक्रमण की निगरानी करना काफी जरुरी है। इसके लिए स्वास्थ्य कर्मी, आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, म्युनिसिपल स्वास्थ्य कर्मी, सामुदायिक हेल्थ वालंटियर्स के साथ एनएसएस, एनवाईके एवं अन्य गैर-सरकारी संस्स्थानों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी या कार्यपालक स्वास्थ्य पदाधिकारी द्वारा प्रशिक्षण प्रदान कराया जाए जिसमें इन्हें कोरोना रोकथाम प्रोटोकॉल की विस्तार से जानकारी दी जाए।

इसके लिए इन बस्तियों के अस्पतालों को भी संक्रमण रोकथाम की सभी तैयारी पूर्व में करने की जरूरत है. साथ ही गैर-चिकित्सकीय हस्तक्षेप के तहत हाथों की सफाई, सामाजिक दूरी, चेहरे पर मास्क का इस्तेमाल जैसी अन्य जानकारियों पर आम जागरूकता बढाई जाएगी।

इंसिडेंस रेस्पोंस इकाई रोकथाम की तैयारी में करेगी सहयोग
दिशा निर्देश के मुताबिक शहरी बस्तियों की आबादी के अनुसार एक इंसिडेंस रेस्पोंस कमांडर को चिन्हित किया जाएगा। इंसिडेंस रेस्पोंस कमांडर कोरोना प्रसार की रोकथाम की कार्य-योजना, कार्रवाई, लोजिस्टिक एवं फाइनेंस टीम को चिन्हित कर कोरोना रोकथाम गतिविधियों की तैयारियों को कार्यान्वित करने में सहयोग करेंगे।

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