एनटीपीसी नहीं लगाएगा सोलर प्लांट, जानें एनटीपीसी जमनीपाली के महाप्रबंधक ने क्या कहा

NTPC: एनटीपीसी ने कोरबा में सोलर प्लांट लगाने की योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। एनटीपीसी जमनीपाली के महाप्रबंधक एके त्रिपाठी ने मीडिया से रुबरु होते हुए कहा कि...

 

By: Vasudev Yadav

Published: 07 Mar 2020, 12:28 PM IST

कोरबा. पॉवर सेक्टर परिचय कार्यक्रम में मीडिया से रुबरु होते हुए एनटीपीसी जमनीपाली के महाप्रबंधक एके त्रिपाठी ने कहा कि कंपनी के कोरबा संयंत्र से प्रति यूनिट बिजली उत्पादन की लागत दो रुपए २० पैसा है। यह देश में सबसे कम है। उन्होंने कहा कि सोलर प्लांट के लिए जगह की कमी है। साथ ही सोलर प्लांट से बिजली बनाने के लिए लागत भी अधिक आएगी। जमनीपाली स्टेशन से 2600 मेगावाट बिजली उत्पादन होता है। इसकी आपूर्ति छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, दादरा नगर हवेली और बंगलादेश तक की जाती है।

गौरतलब है कि एनटीपीसी ने कोरबा में 100 मेगावाट की सोलर प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई थी। इसके लिए कंपनी ने प्रगतिनगर दर्री का चयन किया था। जर्जर मकानों को डिस्मेंंटल किया गया था।

डिसल्फराइजेशन के लिए प्लांट
थर्मल प्लांट से निकलने वाली प्रदूषण की रोकथाम के लिए कंपनी ने फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन (एफजीडी) प्लांट स्थापित करने की योजना है। इसे ईएसपी के साथ जोड़ा जाएगा। योजना के लिए बजट की स्वीकृति हो गई है। वित्तीय वर्ष 2020- 21 में कार्य चालू होने की संभावना है। एफजीडी स्थापित होने के बाद सल्फर गैस सीधे हवा में नहीं छोड़ी जाएगी।
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हाइवे निर्माण में राख का उपयोग
महाप्रबंधक ने बताया कि थर्मल प्लांट से निकलने वाली राख की उपयोगिता को लेकर प्रबंधन ने कार्य योजना बनाई है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में 100 फीसदी राख के उपयोग का लक्ष्य रखा गया है। जीएम ने बिलासपुर- कटघोरा राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में राख के उपयोग किए जाने की जानकारी भी दी है।

उन्होंने कहा कि एसईसीएल की मानिकपुर कोयला खदान में मिट्टी के साथ मिलाकर राख भरा जाएगा। इसके अलावा कंपनी ने सीमेंट कारखानों तक राख पहुंचाने की भी कवायद चालू की है। रेल के वैगन में राख का परिवहन निर्माण स्थलों तक किया जा सके इसके लिए कंपनी ने रेलवे प्रबंधन से भी सम्पर्क किया है।

घमोटा में 240 एकड़ जमीन चिन्हित
जमनीपाली संयंत्र से निकलने वाली राख को रखने के लिए कंपनी के पास बांध में जगह की कमी है। इसके लिए कंपनी ने छत्तीसगढ़ सरकार व जिला प्रशासन से ग्राम घमोटा में 240 एकड़ जमीन की मांग की है। जीएम ने कहा कि इस माह तक जमीन उपलब्ध होने की संभावना है।

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