Video :- स्थानीय के बजाए बाहरी मजदूरों को प्राथमिकता, मानिकपुर में ओबी का काम बंद

Vasudev Yadav

Publish: May, 19 2019 09:54:39 PM (IST) | Updated: May, 19 2019 09:54:40 PM (IST)

Korba, Korba, Chhattisgarh, India

कोरबा. एसईसीएल की मानिकपुर कोयला खदान में कार्यरत ठेका कंपनी नारायणी में स्थानीय बेरोजगारों को काम पर नहीं रखे जाने से विवाद बढ़ गया है। इंटक के नेतृत्व में स्थानीय युवाओं ने रोजगार की मांग को लेकर काम बंद करा दिया है। दोपहर दो बजे से खदान से मिट्टी हटाने का काम बंद है।
मानिकपुर खदान में कोयले की परत से ऊपर की मिट्टी को हटाने का काम एसईसीएल ने ठेके पर नारायणी एंड एनसीपीसी प्राइवेट लिमिटेड को दिया है। पिछले हफ्ते रविवार को कंपनी ने काम चालू किया है। काम पर स्थानीय लोगों को नहीं रखे जाने से नाराज होकर इंटक ने खदान में काम को बंद करा दिया है।
इंटक जिलाध्यक्ष विकास सिंह और मानिकपुर वार्ड के पार्षद सीताराम चौहान ने बताया कि खदान से सैकड़ों लोग प्रभावित हैं। लोगों ने अपनी जमीन गंवाई है। इसके बाद भी ठेका कंपनी स्थानीय बेरोजगारों को काम पर नहीं रख रही है। ६० फीसदी से अधिक मजदूर ओडिशा से आए हैं।
इंटक की मांग है कि पहले स्थानीय बेरोजगार युवकों को काम पर रखा जाए। इसके बाद पद खाली होने पर बाहर से आए मजदूरोंं को दिया जाए। इंटक खदान में काम करने वाले मजदूरों को सुरक्षा उपकरण भी मुहैया कराने की मांग कर रहा है। उसका कहना है कि जूता, टोपी और अन्य उपकरण मुहैया कराए बिना कंपनी मजदूरों से खदान में काम ले रही है। इससे मजदूरों की जान को खतरा है। समाचार लिखे जाने तक खदान में काम चालू नहीं हो सका था।

स्थानीय के बजाए बाहरी मजदूरों को प्राथमिकता, मानिकपुर में ओबी का काम बंद

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