scriptOnly son in jail, dead father waiting for son's release for last rites | इकलौता बेटा जेल में, मृत पिता को अंतिम संस्कार के लिए 4 दिन से बेटे की रिहाई का इंतजार | Patrika News

इकलौता बेटा जेल में, मृत पिता को अंतिम संस्कार के लिए 4 दिन से बेटे की रिहाई का इंतजार

Dead body waiting for funeral: हत्या के मामले में 7 साल से सजा काट रहा है मृतक का बेटा, परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा प्रशासन को मामले से कराया गया अवगत लेकिन 2 दिन तक प्रशासनिक अधिकारियों ने नहीं दिया ध्यान, तीसरे दिन पैरोल पर रिहाई की मांग को लेकर मंत्री और कलेक्टर से मिलने पहुंचा परिवार

कोरबा

Published: December 24, 2021 09:30:59 pm

कोरबा. Dead body waiting for funeral: मौत के 4 दिन बाद भी एक बुजुर्ग का अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। इसकी वजह मृतक के पुत्र की सेंट्रल जेल बिलासपुर से पैरोल पर रिहाई में देरी है। तीन दिन तक इंतजार के बाद भी जिला प्रशासन समस्या का समाधान नहीं कर सका। इससे परेशान मृतक का परिवार शुक्रवार को राजस्व मंत्री से मिलने बंगले पर पहुंच गया। बाहर होने से परिवार के लोग की मुलाकात राजस्व मंत्री (Revenue Minister) नहीं हो सकी लेकिन बंगले पर रहने वाले एक व्यक्ति ने परिवार की परेशानी से एक प्रशासनिक अधिकारी को अवगत कराया। इसके बाद अफसर सक्रिय हुए। शुक्रवार की दोपहर लगभग 1 बजे कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने पैरोल पर रिहाई से संबंधित फाइल पर दस्तखत किया। पत्र लेकर परिवार के सदस्य सेंट्रल जेल बिलासपुर (Central Jail Bilaspur) के लिए रवाना हुए। लेकिन रिहाई में देरी से शुक्रवार को भी मृतक का अंतिम संस्कार नहीं हो सका।
Father Dead body waiting for funeral
Dead body waiting for funeral

बताया जाता है कि आरा मशीन इलाके में रहने वाले रहस दास 65 वर्ष की 21 दिसंबर की रात मौत हो गई थी। रहस का पुत्र रतन दास को कोर्ट ने हत्या के एक मामले में दोषी करार दिया है। लगभग 7 साल से रतन सेंट्रल जेल बिलासपुर में अपनी गुनाहों की सजा काट रहा है। रतन, रहस का इकलौता पुत्र है।
रहस के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए परिवार के सदस्यों ने 22 दिसंबर को पुलिस से सम्पर्क किया। स्थिति से अवगत कराते हुए रहस दास को मुखाग्निी देने के लिए रतन दास को पैरोल पर रिहा करने की मांग की। ऐसे में पुलिस ने पत्र बनाकर कोरबा जेल को भेजा है। उसी दिन जेल प्रशासन ने परिवार की मांग से जिला दंडाधिकारी कोरबा और सेंट्रल जेल बिलासपुर को अवगत कराया।
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कलक्टर ने पैरोल फाइल पर किया दस्तखत
दो दिन गुजर गए लेकिन प्रशासन की ओर से इसपर कोई निर्णय नहीं दिया गया। तब परिवार ने आरा मशीन इलाके के पाषर्द को घटना की जानकारी दिया। पार्षद से सहयोग मांगा। शुक्रवार को पार्षद पीडि़त परिवार के सदस्यों को लेकर कलेक्टोरेट कार्यालय पहुंचे और अफसरों को अवगत कराया गया। इसके बाद रतन दास को पैरोल (Parole) पर रिहा करने संबंधित फाइल पर कलेक्टर (Korba Collector) ने दस्तखत किया।
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दो दिन तक कनिष्ठ अधिकारियों ने नहीं दिया ध्यान
बताया जाता है कि जेल प्रशासन की ओर 22 दिसंबर को ही जिला दंडाधिकारी (Collector) को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया गया था। लेकिन संबंधित शाखा का प्रभार संभालने वाले अधिकारियों ने 2 दिन तक संवेदनशील मामले की जानकारी वरिष्ट अधिकारियों को नहीं दी। इससे यह स्थिति निर्मित हुई।

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