कल से पाली महोत्सव का आगाज, प्रशासन ने की तैयारी, समापन अवसर पर सीएम होंगे मुख्य अतिथि

- जिले के स्थानीय कलाकारों को भी अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए एक बड़ा मंच मिलेगा

By: Vasudev Yadav

Published: 03 Mar 2019, 11:06 AM IST

कोरबा. पाली महोत्सव का आगाज शिवरात्रि के दिन चार मार्च से होगा। प्रशासन द्वारा इस गरिमामयी समारोह की जोर-शोर से तैयारी की जा रही है। इस वर्ष सभी कार्यक्रमों में प्रदेश की संस्कृति की झलक होगी। पाली महोत्सव का उद्देश्य भी सांस्कृति धरोहरों का संवर्धन है।

इस वर्ष खैरागढ़ के संगीत विश्वविद्यालय के कलाकार पाली महोत्सव में अपनी प्रस्तुति देंगे। जिले के स्थानीय कलाकारों को भी अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए एक बड़ा मंच मिलेगा। धूमधाम से जिला प्रशासन की अगुवाई में चार व पांच मार्च को पाली महोत्सव होगा। इसके लिए खास इंतजाम किए गए हैं। तैयारियां भी अंतिम चरण मे हैं।

समापन अवसर पर सीएम भूपेष बघेल मुख्य अतिथि होंगे अध्यक्षता डॉ चरणदास महंत करेंगे। समारोह में जयसिंह अग्रवाल केबिनेट मंत्री, पुरूषोत्तम कंवर विधायक कटघोरा(राज्य मंत्री दर्जा), डॉ बंशीलाल महतो सांसद कोरबा, मोहित केरकेट्टा विधायक पाली तानाखार, ननकी राम कंवर विधायक रामपुर, देवीप्रसाद सिंह टेकाम जिला पंचायत अध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधि बतौर अतिथि मौजूद रहेंगे।

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इसलिए महत्वपूर्ण है पाली
पाली के समीप 3060 फीट ऊंचे पर्वत पर चैतुरगढ़ स्थित है। इसे छत्तीसगढ़ का कश्मीर भी कहा जाता है। यहां पर 11वीं शताब्दी में कल्चुरी शासक पृथ्वीदेव प्रथम द्वारा किले का निर्माण कराया गया। इसके तीन मुख्य द्वार मेनका, हुंकरा एवं सिंह द्वार के अवशेष आज भी जीर्ण अवस्था में पड़े हुए हैं। पहाड़ी पर नागर शैली में बना महिषासुर मर्दिनी का मंदिर स्थित है। मंदिर से दो किलोमीटर दूर मेनका द्वार के नीचे शंकर गुफा में शिवलिंग स्थापित है। खास बात यह है कि पर्वत के घने जंगल में वन्य प्राणियों की खासी मौजूदगी है। चैतुरगढ़ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अंतर्गत अता है, लेकिन उस लिहाज से इसका संरक्षण नहीं हो पा रहा है। मुख्य मार्ग पर स्थित पाली में ११ वीं शताब्दी का शिव मंदिर भी मौजूद है, जो कि प्रदेश की ऐतिहासिक पुरातत्विक धरोहरों में से एक है।

ये होंगे आयोजन
पांच मार्च को दोपहर दो बजे से चार बजे तक स्कूली बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम, वेदांगी चतुर्वेदी द्वारा कत्थक नृत्य, यशवंत वैष्णव कोरबा द्वारा तबला वादन, जीआर महिलांगे द्वारा अचरा के छईया, सुदिन दास रंगमहल म्युजिकल गु्रप के कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके उपरांत शाम 4.30 बजे से रात्रि 9.30 बजे तक खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय द्वारा नृत्य नाटिका, अनीस म्यूजिकल गु्रप द्वारा आर्केस्ट्रा, सीमा कौशिक लोकमंच रायपुर द्वारा गायन और पंपू चंद्राकर बालोद द्वारा लोक सरगम प्रस्तुत किया जायेगा। कलाकारों के रहने व भोजन की व्यवस्था प्रशासन द्वारा की जा रही है।

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