जमीन की हेराफेरी कर फंस गए पूर्व भू-अभिलेख अधीक्षक, पुलिस ने दर्ज कर लिया FIR

पुलिस ने दर्ज किया कूटरचना और धोखाधड़ी का केस

By: Shiv Singh

Published: 25 Nov 2018, 08:43 PM IST

कोरबा. बांकीमोंगरा की 624 वर्गफुट जमीन की हेराफेरी के मामले में पूर्व भू- अभिलेख अधीक्षक जेपी सिंह पर कानून का शिकंजा कस गया है। उनके खिलाफ कूटरचना और धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।

पुलिस ने बताया कि रिपोर्ट बांकीमोंगरा निवासी रामकरण अग्रवाल ने लिखाई है। इसमें बताया गया है कि पटवारी हल्का नंबर 15 बांकीमोंगरा के मोंगरा में उसकी जमीन है। तीन मार्च 2016 को जिलास्तर पर गठित सीमांकन कमेटी ने जमीन का सीमांकन किया था। कमेटी में कलेक्टर के आदेश पर तत्कालीन भू- अभिलेख अधीक्षक जेपी सिंह अधीक्षक, राजस्व निरीक्षक भूषण लाल डिक्सेना, रामसेवक सोनी और भृत्य समय लाल पटेल को शामिल किया गया था। दल ने सीमांकन की कार्रवाई के दौरान मौके पर उपस्थित गवाहों के समक्ष एक पंचनामा तैयार किया था। इसमें रामकरण अग्रवाल सहित अन्य लोगों के हस्ताक्षर थे।

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दल ने रामकरण की जमीन पर अन्य लोगों के अलावा दिनेश अग्रवाल का कब्जा पाया था। पंचानामा पर सभी पक्षों ने दस्तखत किए थे। रामकरण का आरोप है कि उन्होंने सीमांकन के बाद कलेक्टर की नकल शाखा से जमीन की नकल प्राप्त की। इसमें पता चला कि पंचानापा पर लिखे गए 624 वर्गफुट पर जमीन के कब्जे को काटकर शून्य कर दिया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दिनेश अग्रवाल को लाभ पहुंचाने के लिए मौके पर तैयार की की गई नजरी नक्शा और पंचनामा में कांटछांट कर शून्य किया गया।

रामकरण ने कूटरचना और धोखाधड़ी की शिकायत बांकीमोंगरा थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद जीपी सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (धोखधड़ी), 467 (दस्तावेज में काटछांट), 468 (छल के मकसद से काटछांट) व 471 (नकली दस्तावेज को असली बताकर नकल देन) का केस दर्ज किया है। बांकीमोंगरा थाने में केस दर्ज होने के बाद जेपी सिंह की मुश्किल बढ़ गई हैं। उनपर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है।

Shiv Singh Desk
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