चार दिन सर्वाथ्य सिद्धि योग और तीन दिन रवि योग से विशेष फलदायक होगी नवरात्रि

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा गुड़ी पड़वा के साथ ही नवरात्रि की शुरुआत हो जाएगी। नवरात्रि में श्रद्धालु माता रानी के अलग-अलग स्वरूपों की साधना और आराधना करेंगे। नवरात्रि को शुभ कार्यों के लिए भी उत्तम फलदायी माना जाता है

By: Vasudev Yadav

Updated: 04 Apr 2019, 08:13 PM IST

कोरबा. साल का पहला चैत्र नवरात्रि 6 अप्रैल से शुरू होगा। इस बार यह नवरात्रि कई शुभ संयोगों से युक्त रहेंग। वैसे तो नवरात्रि के सभी दिन शुभ फलदायी माने जाते हैं। लेकिन गृह नक्षत्रों के मेल से बन रहे कुछ खास संयोग नवरात्रि को और अधिक शुभफलदायी बनाएंगे। नवरात्रि में चार दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग रहेगा। इसी प्रकार तीन दिन रवि योग विद्यमान रहेगा। इस लिहाज से खरीदारी सहित शुभ कार्यों के लिए यह दिन काफी विशेष माने जाएंगे।
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा गुड़ी पड़वा के साथ ही नवरात्रि की शुरुआत हो जाएगी। नवरात्रि में श्रद्धालु माता रानी के अलग-अलग स्वरूपों की साधना और आराधना करेंगे। नवरात्रि को शुभ कार्यों के लिए भी उत्तम फलदायी माना जाता है।ज्योतिषाचार्य पंडित राजेन्द्र धर दीवान ने बताया कि नवरात्रि के दिन खरीदारी सहित सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए उत्तम माने गए हैं। इसमें सोना, चांदी, वाहन, भूमि, भवन आदि की खरीदारी करना श्रेष्ठ होता है। वैसे तो नवरात्रि के सभी दिन शुभ होते है, लेकिन इन दिनों में बन रहे सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग सहित अन्य शुभ संयोग सोने पर सुहागा जैसे है। पंचांगों के मुताबिक चैत्र मास से ही हिंदू नववर्ष की शुरूआत होती है। गुड़ी पड़वा को साल का पहला दिन होता है। इसी माह में चैत्र मास में ही नवरात्रि भी पड़ती है, जो चैत्र नवरात्रि कहलाती है। इस बार नवरात्रि 6 अप्रैल से शुरू होकर 14 अप्रैल तक रहेगी। बड़ी बात यह है इस बार नवरात्रि आठ शुभ संयोगों से सुशोभित होगी। इस साल चैत्र नवरात्रि में 5 सर्वार्थ सिद्धि, 2 रवि योग और एक रवि पुष्य योग का शुभ संयोग बन रहा है। माना जा रहा है की इन संयोगों में माता की आराधना करने विशेष फ ल की प्राप्ति होती है।शहर के दुर्गा मंदिरों में अखंड ज्योति जलाई जाएगी और नौ दिनों तक कई अनुष्ठान होंगे।

१० हजार से ज्यादा ज्योतिकलश जगमगाएंगे
नवरात्रि के पहले दिन गौरी पूजन, घरों में ध्वज व दुर्गासप्तशती पाठ के साथ धार्मिक कार्य शुरू हो जाएंगे। हिंदू नववर्ष समृद्धि से भरा रहेगा। शहर के देवी मंदिरों में इसकी तैयारी अंतिम चरण में है। सर्वमंगला मंदिर, काली मंदिर, मड़वारानी मंदिर, चैतुरगढ़ मंदिर, कोसाबाड़ी मंदिर, कटघोरा दुर्गा मंदिर, भवानी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में अभी से नवरात्र की छटा दिखने लगी है। हर बार की तरह इस बार भी सर्वमंगला मंदिर में लगभग ८ हजार से अधिक मनोकामना ज्योति कलश जगमाएंगे।

नवरात्रि के शुभ संयोग
06 अप्रैल घट स्थापना
07 अप्रैल सर्वार्थ सिद्धि योग
08 अप्रैल रवि योग
09 अप्रैल सर्वार्थ सिद्धि योग
10 अप्रैल सर्वार्थ सिद्धि योग
11 अप्रैल रवि योग
12 अप्रैल सर्वार्थ सिद्धि योग
13 अप्रैल रवि योग
व्रत, पर्व के लिए खास
06 अप्रैल गुड़ी पड़वा
07 अप्रैल सिंघारा दूज
08 अप्रैल गणगौर तीज
09 अप्रैल गणेश चतुर्थी
10 अप्रैल श्रीपंचमी
11 अप्रैल स्कंद षष्ठी
12 अप्रैल महानिशा पूजा
13 अप्रैल दुर्गाष्टमी, रामनवमी
14 अप्रैल जवारों का विसर्जन

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