12 हजार किलो गोबर की खरीदी, खाद का मानक जांचने लैब नहीं

जिले में अब तक 12 हजार किलो से अधिक गोबर की खरीदी की जा चुकी है। गोबर से खाद बनने की प्रक्रिया अंतिम चरण पर है।

By: Bhawna Chaudhary

Published: 02 Sep 2020, 01:11 PM IST

कोरबा. जिले में अब तक 12 हजार किलो से अधिक गोबर की खरीदी की जा चुकी है। गोबर से खाद बनने की प्रक्रिया अंतिम चरण पर है। खाद बनने के बाद मानक के लिए लैब में जांच जरुरी है, लेकिन कोरबा जिले में एक भी लैब नहीं है। जहां मानक की पड़ताल की जा सके। अब अफसर परेशान हैं कि आखिर मानक की जांच कराए तो कहां?

करीब एक माह पहले गोधन न्याय योजना की शुरुआत प्रदेश सरकार ने की है। कोरबा जिले में भी शहर से लेकर गांव तक गोबर खरीदी से लेकर खाद बनाने तक की प्रक्रिया जोरों से चल रही है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से जनपद सीईओ, निकाय के अधिकारी व कृषि विभाग एक असमंजस की स्थिति में है। दरअसल सरकार ने खाद की पैकेजिंग से पहले उसका मानक तय करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए एग्रीकल्चर विभाग अधिकृत किया गया है। खाद बनने के करीब है। लेकिन एग्रीकल्चर विभाग के पास एक भी लैब नहीं है जहां खाद का मानक की जांच हो सके। ऐसे में खाद बनने के बाद उसकी बिक्री पर अब काले बादल मंडराने लगे हैं।

मिट्टी परीक्षण लैब को दो हिस्सों में बांटने की तैयारी : शासन द्वारा खाद के मानक जांचने के लिए लैब की व्यवस्था तो नहीं की गई है, लेकिन मिट्टी परीक्षण लैब को दो हिस्सों में बांटने के संकेत विभाग को दिए हैं। हालांकि उसके लिए किसी तरह का संसाधन भी नहीं दिया गया है। इस वजह से विभाग द्वारा किसी तरह की शुरुआत नहीं की गई है। अब गौठानों से खाद के मानक जांचने के लिए फोन निगम ने बाहर से करवाया था मानक परीक्षण आने लगे हैं ऐसे में विभाग असमंजस में है कि आखिर जवाब क्या दे।

निगम द्वारा एसएलआरएम सेंटर में बनाए जाने वाले खाद के मानक की जांच बाहर से करवाई गई थी। कोरबा जिले में इसकी व्यवस्था नहीं है। पंप हाउस में बनने वाले खाद की पैकेजिंग से पहले मानक तय कर उसकी बिक्री व निगम के उद्यानों में उसका उपयोग कराया गया था। जिले में लंबे समय से लैब की कमी बनी हुई है।

खाद की पैकेजिंग से पहले उसके मानक की जांच होनी है, फिलहाल जिले में लैब की व्यवस्था नहीं है। शासन का निर्देश है कि मिट्टी जांच प्रयोगशाला में इसे शुरु किया जाए। जल्द शुरु करने का प्रयास किया जा रहा है।
एमजी श्याम कुंवर, उपसंचालक, कृषि विभाग

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