रजिस्ट्रेशन के अभाव में धूल फांक रहे ये सुमो, कामकाज में कसावट लाने अधिकारी नहीं कर पा रहे उपयोग

विभागीय अधिकारी मानते हैं कि इन वाहनों के मिलने से अब शिकायतों का त्वरित निराकरण करने में आसानी होगी।

By: Shiv Singh

Published: 13 Mar 2018, 11:01 AM IST

कोरबा . बीएसएनएल विभाग ने कार्यों में कसावट लाने के लिए अफसरों के लिए दो नए सुमो वाहन उपलब्ध कराए हैं लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी इन दोनों वाहनों का अब तक परिवहन विभाग में रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है। ऐसे में ये वाहन कार्यालय में धूल फांक रहे हैं और अधिकारी इनका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।

बीएसएनएल की सेवाओं में सुधार लाने, समस्याओं का तत्काल निराकरण करने और मानीटरिंग करने के लिए दौरा आदि करने के लिए विभागीय स्तर पर दो नए टाटा सुमो वाहन कोरबा कार्यालय को दिए गए हैं। ये वाहन कई माह पहले यहां आ गए थे और इनका रजिस्टे्रशन कराया जाना था ताकि सड़क पर दौड़ सकें। लेकिन स्थिति यह है कि अब तक परिवहन विभाग में इन वाहनों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका है।

विभागीय अधिकारी इसे तकनीकी प्रक्रिया बताकर अपना पल्ला झाड़ ले रहे हैं। यही कारण है कि पिछले तीन माह से विभाग के कार्यालय के बाहर ही खुले में ये दो नए वाहन खड़े हैं।

Read More: VIDEO- आखिर क्यों यूथ कांग्रेसियों ने रैली निकालकर डीएफओ कार्यालय का किया घेराव, पढि़ए खबर...
दोनों नए वाहनों का परिवहन विभाग में पंजीयन व रोड टैक्स आदि जमा कर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं की गयी है लेकिन अधिकारी इसे जल्द पूरी होने जाने की प्रत्याशा में इन दोनों वाहनों का विभागीय कामकाज के लिए आवंटित कर दिया है। इनमें एक वाहन मोबाइल विभाग के पास रहेगा तो दूसरा ट्रांसमिशन को कामकाज के लिए दिया गया है। दोनों सीधे आम जनता से जुड़े हुए हैं। विभागीय अधिकारी मानते हैं कि इन वाहनों के मिलने से अब शिकायतों का त्वरित निराकरण करने में आसानी होगी।

दो हजार ग्राहक कोरबा शहर में
बीएसएनएल के लगभग दो हजार ग्राहक केवल कोरबा शहर में हैं। नगर निगम द्वारा किए जाने वाले मरम्मत कार्यों से अक्सर बीएसएनएल के भूमिगत केबल कट जाती है। जिससे कि बीएसएनएल की सुविधा बाधित रहती है। वाहनों की कमी होने के कारण इन समस्याओं को तत्काल निराकरण नहीं हो पाता। समस्याएं दूर करने में लंबा समय लग जाता है। इससे लोग तो परेशान होते ही हैं, साथ ही साथ बीएसएनएल की छवि भी खराब होती है।

Shiv Singh Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned