कानूनी पक्रिया में देरी से परेशान बालिका गृह की दीवार फांदकर भागी दो बहनें, कटघोरा से बरामद

- रेलवे स्टेशन से 15 दिन पहले चाइल्ड लाइन ने किया था बरामद -बेंगलुरू से कोरबा पहुंची थी लड़कियां

By: Vasudev Yadav

Updated: 08 Dec 2019, 08:54 PM IST

कोरबा. रविवार सुबह बालिका गृह की दीवार फांदकर फरार होने वाली दो सगी बहनों को पुलिस ने घटना के छह घंटे के भीतर कटघोरा जेंजरा बायपास रोड पर पकड़ लिया। दोनों बहनें बायपास रोड पर बलरामपुर जाने के लिए यात्री बस का इंतजार कर रहे थे। इस बीच पुलिस पहुंच गई। दोनों लड़कियों की सकुशल बरामदी से पुलिस ने राहत की सांस ली है।

बताया जाता है कि बलरामपुर जिले की दो लड़कियां बालिका गृह में थी। दोनों रिश्ते में सगी बहन हैं। रविवार सुबह लगभग 6.30 बजे दोनों बहनें बालिका गृह से फरार हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने पतासाजी शुरू की। लड़कियों की तस्वीर कोतवाली, कटघोरा, बांगो आदि थानों को सोशल मीडिया पर भेजी गई।

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पुलिस ने बस स्टैंड रेलवे स्टेशन आदि क्षेत्रों में दोनों लड़कियों की तलाश कर रही थी। इस बीच जेंजरा बायपास रोड पर दो लड़कियों के खड़े होने की सूचना मिली। डॉयल 112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों लड़कियों को पकड़ लिया। उन्हेंं कोरबा के रामपुर पुलिस चौकी लाया गया।

घटना को लेकर पूछताछ की गई। इसमें दोनों बहनों ने बताया कि रविवार सुबह लगभग 6.30 बजे बालिका गृह के बाहर निकली। पास में स्थित एक अमरूद के पेड़ पर चढ़कर पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति के घर में उतर गई। यहां से फरार हो गई। दोनों बहनों को अमरूद के पेड़ पर चढ़ते हुए बालिका गृह के पड़ोस में एक मकान बनाकर रहने वाले व्यक्ति ने भी देखा था। हालांकि दोनों भाग जाएंगी इसका अंदेशा नहीं था।

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जीजा के साथ बेंगलुरु गई थी बहनें
बताया जाता है कि दोनों की उम्र 14 व 17 साल है। दोनों बलरामपुर जिले की रहने वाली हैं। अक्टूबर माह में दोनों बहनें अपने जीजा के साथ बेंगलुरु गईं थी। कुछ दिन रहने के बाद उनके जीजा ने दोनों को यशवंतपुर एक्सप्रेस में बैठाकर कोरबा भेज दिया था। कोरबा से बलरामपुर जाने के लिए कहा था। 24 अक्टूबर को दोनों बहनें कोरबा रेलवे स्टेशन पहुंची थी। स्टेशल में घूम रही थी। घुमंतू समझकर चाइल्ड लाइन की टीम ने दोनों बहनों को अपने साथ ले गई थी। काउंसलिंग के बाद उन्हें रामपुर चौकी क्षेत्र में स्थित बालिका गृह में रखा गया था।

कानूनी प्रक्रिया पूरी होने में देरी के कारण घर नहीं जा पा रही थी बहनें
बताया जाता है कि दोनों बहनों से मिलने के लिए उनका पिता भी कुछ दिन पहले कोरबा पहुंचा था। कानूनी प्रक्रिया में देरी के कारण दोनों बहनों को पिता के साथ नहीं जाने दिया गया था। बालिका गृह में रहकर दोनों बहनें उब गई थी। अपने घर लौटना चाहती थी।

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