कोरबा . पति की दीर्घायु के लिए सुहागिनों ने मंगलवार को वट सावित्री का व्रत रखा। इस दौरान वट वृक्ष में मन्नतों का धागा भी बांधा। सुबह से महिलाएं सोलह श्रृंगार कर पूजा की थाली लेकर वट वृक्ष की पूजा करने में व्यस्त रहीं। पूजा-अर्चना के लिए पहले ही पूरी तैयारी कर ली गयी थी। पंडितों के अनुसार वरसाईत पूजन में वटवृक्ष की स्थापना कर विधि अनुसार गणपति पूजन पश्चात 108 बार मोली धागा से वृक्ष की परिक्रमा की जाती है। सत्यवान-सावित्री का स्मरण कर आरती करने से व्रत सफल हो जाता है। वट सावित्री बरसाईत का पूजन महिलाओं के लिए सौभाग्य व मनोकामना पूर्ण करने वाला माना जाता है।

सर्वमंगला नगर दुरपा वार्ड क्र 54 में वट सावित्री की पूजा श्रध्दा पूर्वक की गयी। महिलाओं के बीच इस पूजा के लिए काफी उत्साह देखने को मिला। नगर के कई स्थानों में माताओं, बहनों के द्वारा उपवास रहकर वट के वृक्ष की पूजा विधि विधान से की गई। पूजा करने पहुंची चित्रलेखा यादव ने बताया कि पति की दीर्घायु जीवन की कामना लिए वह कई वर्षों से उपवास रहकर वट वृक्ष की पूजा की करती आयी हैं। यहां पूजा करने पहुंची महिलाओं को व्रत की कथा से भी अवगत कराया गया।

व्रत की महिमा के विषय में ऐसी मान्यता है कि सावित्री ने अपने पति को यमराज के हाथों से बचाकर वापस ले आई थी। इसलिए महिलायें अपने पति की दीर्घायु के लिए यह उपवास करती हैं। इसी प्रकार शहर के एमपी नगर हनुमान मंदिर , एमपी नगर दशहरा मैदान, दर्री सहित कई क्षेत्रों में सुबह से ही वट वृक्ष की पूजा करने के लिए महिलाओं की भीड़ लगी थी। ग्राम पंचायत तरदा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़े ही भव्य तरीके से पूजा अर्चना की गई। महिलाओं ने वट वृक्ष के निकट बैठकर सावित्री कथा का पाठ और श्रवण किया। इस पर्व पर पूरा माहौल श्रद्धा से भरपूर रहा।

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