जनता के पैसों की बर्बादी: 1 करोड़ के थ्री स्टार मोटल में अब नहीं आते पर्यटक, यहां रंभाती हैं गायें, सब कबाड़ में तब्दील

3 star motel: छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल का विश्रामगृह बदहाल, तत्कालीन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने पटना-चिरगुड़ा में किया था लोकार्पण

By: rampravesh vishwakarma

Published: 14 Sep 2020, 03:33 PM IST

बैकुंठपुर. पटना-चिरगुड़ा में करीब 1 करोड़ रुपए की लागत से बने थ्री स्टार मोटल (पर्यटक विश्राम गृह) में गाय-बैल रंभा रहे हैं। इसे इसलिए बनवाया गया था ताकि कि देश-प्रदेश के पर्यटक जब यहां घूमने आते तो मोटल में विश्राम करते, खाना खाते और यहां की वादियों व पर्यटन स्थलों का लुत्फ उठाते।

पर्यटन विभाग की लापरवाही व देख-रेख के अभाव में मोटल कबाड़ हो चुका है। न तो ढंग से दरवाजे बचे हैं और न हीं डायनिंग व किचन हॉल। सभी बेडरूम भी कबाड़ हो चुके हैं। जनता के पैसों की बर्बादी इस तरह की जाती है।


कोरिया जिले के इकलौते थ्री स्टार मोटल (3 star motel) के फर्नीचर व फाल सीलिंग टूट चुके हैं। ड्राइंग हॉल व विश्राम कक्ष के सारे बेड व कुर्सियां गायब हो चुकी हंै। फिलहाल मोटल परिसर में पयर्टक के नाम पर चरवाहे बड़े-बड़े डण्डे लेकर द्वारपाल की तरह नजर आते हैं।

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विश्राम गृह के एंट्री वाले हिस्से में इंक्वायरी काउंटर, बगल में बड़ा हॉल व किचन बनाया गया था, वहीं सात बेडरूम में डबल बेड थे। पर्यटन मण्डल की देखरेख में कुछ साल तक इसे चलाया गया।

लेकिन एक दशक से मोटल को लावारिस हालत में छोड़ दिया गया है। आसपास गांव के चरवाहे अपनी गायें व मवेशियों को वहां रखते हैं, जो आसपास चारा चरते और रंभाते हैं।


खिड़कियों के ग्लास टूटे, बांस बल्ली के सहारे दरवाजे
मोटल की खिड़कियां टूट चुकी हैं और मुख्य द्वार बांस बल्लियों के सहारे टिका है। मोटल परिसर में झाडिय़ां उगी हैं और बिजली वायरिंग, सेनिटरी फिटिंग सहित जरूरत की सारी चीजें टूट चुकी हैं। बेड गायब हैं और प्लाइवुड से निर्मित कवर्ड में दीमक लगे हंै। परिसर में गार्डन उजाड़ हो गया है तथा लाइटिंग टूटी पड़ी है।

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एक एकड़ में फैला है मोटल
मोटल परिसर करीब एक एकड़ क्षेत्रफल में फैला हुआ है। जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल अमृतधारा जलप्रपात व गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान में सैर के लिए आने वाले टूरिस्ट्स के ठहरने की यह बेहतर जगह थी, लेकिन पर्यटन मण्डल की लापरवाही के कारण मोटल कबाड़ हो चुका है।


पर्यटन विभाग की है जिम्मेदारी
पटना में निर्मित मोटल पर्यटन विभाग से संबंधित है, इसलिए इसकी देखभाल और सुरक्षा उसी विभाग को करनी चाहिए।
ज्ञानेंद्र सिंह ठाकुर, एसडीएम व सत्कार अधिकारी बैकुंठपुर

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