ऑटो में 10 वर्षीय बेटी का शव लेकर थाने पहुंचा पिता, रोते हुए बोला- डॉक्टर ने मेरी बेटी को मार डाला

Corpse in auto: बेबस पिता के साथ में बड़ी पुत्री भी पहुंची थाने, पीडि़त पिता का कहना- बेटी को लेकर पहुंचे थे अस्पताल, इंजेक्शन-दवा देते ही और ज्यादा बिगड़ गई तबियत

By: rampravesh vishwakarma

Published: 07 Sep 2020, 08:27 PM IST

मनेंद्रगढ़. ऑटो में अपनी 10 वर्षीय बेटी का शव (Corpse in auto) लेकर एक पिता थाने पहुंचा। उसने डॉक्टर पर बीमार बच्ची को हाई डोज दवाइयां देने तथा इलाज में लापरवाही बरतने से मौत की शिकायत दर्ज कराई।

पिता के साथ उसकी दूसरी पुत्री भी साथ थी। छोटी बेटी की मौत से उसका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इधर पुलिस शिकायत दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।


मनेंद्रगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डोला निवासी गोपाल फरकसे अपनी बिटिया वेदिका (10) के पैर में गिलठी (गांठ) होने की शिकायत पर 5 सितंबर को आमाखेरवा मार्ग स्थित डॉ. एसपी गुरिया के पास माइनर ऑपरेशन कराने आया था। ऑपरेशन करने के बाद छुट्टी कर दी गई थी।

परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद चिकित्सक ने बच्ची को हाइडोज इंजेक्शन व दवाइयां दी। इससे बालिका को उल्टी व दस्त शुरू हो गया। इस बीच मृतका की बहनों ने डॉक्टर से दूरभाष पर इलाज करने कॉल किया, लेकिन चिकित्सक ने कॉल रिसीव नहीं किया।

बेटी के साथ ऑटो में 10 वर्षीय बेटी का शव लेकर थाने पहुंचा पिता, बोला- डॉक्टर ने मेरी बेटी को मार डाला

इसके बाद पिता व बहनें 7 सितंबर को लगभग 12 बजे उक्त चिकित्सक के पास बालिका को लेकर पहुंचे थे। इस दौरान डॉक्टर द्वारा प्रारंभिक तौर पर इंजेक्शन व दवाइयां दी गईं। जैसे ही इंजेक्शन व दवाइयां दी, बालिका की स्थिति और बिगडऩे लगी। इसके बाद डॉक्टर द्वारा बालिका को किसी नर्सिंग होम, सेंट्रल हॉस्पिटल में भर्ती कराने की बात कही गई।

इसी बीच बालिका ने दम तोड़ दिया। इससे परिजनों ने चिकित्सक के निवास में काफी देर तक जमकर हंगामा किया। उसके बाद ऑटो में मृतका के शव (Corpse in auto) को लेकर थाने शिकायत करने पहुंचे।

मामले में पुलिस ने जांच प्रारंभ शुरु की। पुलिस ने पीएम पश्चात शव परिजन को सौंप दिया है। इस घटना से मृतका की बहनों और पिता का रो-रो कर बुरा हाल है।


उल्टी-दस्त के कारण तबियत ज्यादा थी खराब
5 सितंबर को बालिका को लेकर आए थे, उसका माइनर ऑपरेशन कर छुट्टी कर दी थी। ७ सितंबर को बच्ची को उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर दोबारा लाए थे, उसे हमने नर्सिंग होम या सेंट्रल हॉस्पिटल में भर्ती कराने सलाह दी थी, क्योंकि उल्टी-दस्त के कारण बच्ची की तबीयत अधिक खराब थी।
डॉ. एसपी गुरिया, डॉक्टर, आमाखेरवा मार्ग मनेंद्रगढ़

rampravesh vishwakarma Desk
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