कोरिया में खुला छत्तीसगढ़ का पहला घास बीज बिक्री केंद्र, बेची जा रही उन्नत घास वाली कोयंबटूर की नैपियर बीज

Good news: यहां की गोठान समितियां कोयंबटूर की उन्नत घास नैपियर बीज कर रही बिक्री, राजधानी में भेजे जाएंगे 1 लाख बीज

बैकुंठपुर. कृषि विज्ञान केंद्र की देखरेख में कोयंबटूर से मंगाकर उन्नत घास नैपियर को आदर्श गोठान में लगाने के बाद बीज के रूप में गांठ बिक्री करने वाला कोरिया प्रदेश का पहला जिला बन गया है। नैपियर बीज बिक्री करने वाली चार गोठान समिति ने 1 लाख 13 हजार रुपए की अतिरिक्त आय अर्जित कर ली है।


कलक्टर डोमन सिंह व जिला पंचायत सीईओ तुलिका प्रजापति ने गुरुवार को नैपियर घास बीज बिक्री करने वाली चार ग्राम गोठान समिति को एक लाख से अधिक का चेक वितरित कर अच्छी कमाई करने प्रोत्साहित किया। कलक्टर सिंह ने कहा कि आर्थिक स्वावलंबन की ओर आगे समितियां बढऩे लगी हैं।

नैपियर ग्रास के रूप में हरे चारे की राज्य के हर जिले से व्यापक मांग है। गोठान समितियों के माध्यम से अधिक मात्रा में उत्पादित कर राज्य के विभिन्न जिले को भेजकर आर्थिक लाभ ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि अपने चारागाह को सुरक्षित रखें, वहां पानी सिंचाई, उर्वरक प्रबंधन उचित तरीके से कर कोरिया कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों की देखरेख में अधिक उत्पादन करना है।

उन्होंने सोनहत जनपद पंचायत के कुशहा ग्राम गोठान समिति अध्यक्ष जयकुमारी को 30 हजार, सलगंवा ग्राम गोठान समिति अध्यक्ष सुंदर काशी सिंह को 37 हजार 500 रुपए, घुघरा समिति के अध्यक्ष लालमन राजवाड़े को 10 हजार 500 रुपए, बैकुंठपुर जनपद पंचायत के सोरगा ग्राम गोठान समिति अध्यक्ष बिहारी को 36 हजार रुपए का चेक वितरण किया है।


कोयंबटूर से नैपियर घास बीज मंगाकर आठ चारागाह में लगाया
कृषि विज्ञान केंद्र प्रमुख डॉ. एसएस राजपूत ने बताया कि घास गोठान के पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था के रूप में लगाए गए थे। इससे नेपियर ग्रास का व्यवसायिक लाभ जिले की ग्राम गोठान समितियों को मिलना प्रारंभ हो गया है। गोठान के आसपास की रिक्त पांच-पांच एकड़ जगह चिन्हाकित कर चारागाह में नैपियर घास लगाया गया है।

केवीके के वैज्ञानिक लगातार मॉनीटरिंग कर रहे हैं। वर्तमान में आठ चारागाह में पर्याप्त मात्रा में हरा चारा उपलब्ध है। वहीं नैपियर ग्रास की गांठे बीज के रूप में अन्य जिले को भेजी जा रही हैं। इससे ग्राम गौठान समितियों को आर्थिक स्वावलंबन और गोठान संचालन के लिए राशि मिलने लगी है।


रायपुर, सूरजपुर व महासमुंद को बेची बीज
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजपूत ने बताया कि सबसे पहले कोयंबटूर से नैपियर ग्रास की किस्म सीओबीएन-एस के बीज मंगाकर चारागाह में लगाया गया था। अच्छी फसल होने से ग्राम गोठान समितियों के माध्यम से सूरजपूर, महासमुंद, रायपुर जिले को बेच चुके हैं।

आने वाले महीने में हम एक लाख से अधिक बीज मात्र रायपुर जिले में भेजने वाले हैं। एक गांठ रूपी बीज की कीमत बाजार में डेढ़ रुपए होती है। इसी दर से जिले की समितियां अन्य जिले में मांग के आधार पर भेजने लगी हैं।

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rampravesh vishwakarma
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