छत्तीसगढ़ के इस अस्पताल में हुई कोरोना पॉजिटिव युवक की मौत, इन 8 बिंदुओं पर होगी मजिस्ट्रियल जांच

Magistrial inquiry: गृह मंत्रालय (Home Ministry) भारत सरकार की गाइडलाइन का उल्लंघन (Violation of Corona guideline) कर इस अस्पताल में कोविड मरीज (Covid patient) को किया गया था भर्ती, इलाज के दौरान युवक की मौत, अपर जिला मजिस्टे्रट तीन महीने के भीतर प्रस्तुत करेंगे जांच रिपोर्ट (Inquiry Report)

By: rampravesh vishwakarma

Published: 11 May 2021, 08:02 PM IST

बैकुंठपुर. राज्य सरकार से बिना अनुमति कोविड मरीज को भर्ती कर इलाज करते समय युवक की मौत (Death from corona) मामले में मजिस्ट्रेट जांच (Magistrial inquiry) के आदेश दिए गए हैं। अपर जिला मजिस्टे्रट 3 महीने के भीतर 8 बिंदुओं जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। दरअसल यह आरोप बैकुंठपुर के शर्मा हॉस्पिटल (Sharma Hospital Baikunthpur) पर लगी है।

यहां गृह मंत्रालय भारत सरकार के कोविड गाइडलाइन का उल्लंघन करते हुए बिना परमिशन कोरोना मरीज की भर्ती की गई तथा इलाज के दौरान 9 मई को उसकी मौत हो गई थी।


सीएमएचओ कार्यालय बैकुंठपुर द्वारा 9 अप्रैल को कलक्टर को रिपोर्ट भेजी गई थी, जिसमें उल्लेख है कि शर्मा हॉस्पिटल महलपारा बैकुंठपुर में जूनापारा बैकुंठपुर निवासी कोविड पॉजिटिव सुनील तिवारी (42) को भर्ती किया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई है।

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शर्मा हॉस्पिटल द्वारा राज्य सरकार से किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई है। बावजूद कोरोना संक्रमित मरीज को भर्ती का इलाज किया गया है। इसी बीच इलाज करते समय कोरोना संक्रमित सुनील की मौत हो गई। मृतक सुनील की एंटीजन जांच रिपोर्ट 29 अप्रैल को पॉजिटिव आई थी।

कोरोना संक्रमित सुनील को 5 मई को शर्मा अस्पताल में भर्ती किया गया है। इलाज करते समय 9 मई को मौत हो गई है। मामले में सीएमएचओ द्वारा पत्र की प्रतिलिपि थाना प्रभारी बैकुंपुर को पार्थिव शरीर को अपने सुपुर्द कर निगरानी में रखने सूचित किया गया है।

मामले को गंभीरता से लेकर जिला मजिस्टे्रट एसएन राठौर ने मजिस्ट्रेट जांच करने आदेश दिए हैं। अपर जिला मजिस्ट्रेट सुखनाथ अहिरवार को 3 महीने के भीतर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने निर्देश दिए हैं। गृह मंत्रालय भारत सरकार (Ministry of Home Affairs) ने 29 अप्रैल 2021 को आदेश जारी किया था जिसमें 31 मई 2021 तक एपिडेमिक एक्ट 1897 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 प्रभावशील है।

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संक्रमित युवक की मौत पर संदेह, जांच से स्पष्ट होगा
जिला मजिस्ट्रेट के आदेश में उल्लेख है कि कोरोना संक्रमित सुनील की मौत (Death of corona patient) से स्पष्ट है कि यह व्यक्ति ऐसी परिस्थितियों में मरा है, जिसमें स्पष्ट रूप से संदेह होता है कि अन्य व्यक्ति ने कोई अपराध किया है।

दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 176-1 के तहत मौत की मजिस्टे्रट जांच किया जाना आवश्यक है। मामले में पुलिस अधीक्षक को संक्रमित की मौत के संबंध में आवश्यक दस्तावेज एवं साक्ष्य उपलब्ध कराने व जांच में सहयोग करने कहा गया है।

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इन 8 बिंदुओं पर जांच होगी
1. मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई है।
2. घटनाओं का तरीका और उन घटनाओं का क्रमवार ब्यौरा, जिनकी वजह से मृत्यु हुई है।
3. मृत्यु का कारण।
4. मृत्यु के लिए जिम्मेदार कोई व्यक्ति, पूछताछ के दौरान सामने आने वाली किसी बेईमानी का संदेह।
5. मृत्यु के लिए जिम्मेदार लोक सेवकों व कानून प्रवर्तन एजेंसी द्वारा की गई कोई बड़ी चूक।


6. मृतक को दी गई चिकित्सा की पर्याप्तता।
7. शर्मा हॉस्पिटल द्वारा इसके अतिरिक्त अन्य कोविड मरीजों को भर्ती कर इलाज करने एवं उसमें पाई गई अनियमितता।
8. भविष्य में इस प्रकारक की घटना को रोके जाने के लिए अतिआवश्यक सुझाव।

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