scriptSchool 8 Km away, After 5th 9 girl students had to leave their studies | एक नजर इधर भी फेरिए सरकार! घर से 8 किमी दूर स्कूल, 5वीं के बाद 9 छात्राओं को छोडऩी पड़ी पढ़ाई | Patrika News

एक नजर इधर भी फेरिए सरकार! घर से 8 किमी दूर स्कूल, 5वीं के बाद 9 छात्राओं को छोडऩी पड़ी पढ़ाई

Girl students left the school: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिला अंतर्गत ग्राम पंचायत जगतपुर के आश्रित ग्राम बारबांध के चार वार्ड में 250 मतदाता (Voters) और 500 है यहां की जनसंख्या, विकास के नाम पर कुछ नहीं, ढोढ़ी का पानी पीने की विवशता, बारिश (Rainy season) में गांव पहुंचना लगभग असंभव

कोरीया

Updated: January 12, 2022 11:24:39 am

बरबसपुर. Chhattisgarh School: ग्राम पंचायत जगतपुर के आश्रित ग्राम बारबांध में मिडिल स्कूल नहीं होने के कारण पांचवी पास कई बच्चियां दो साल में पढ़ाई छोड़ दी हैं। क्योंकि बारबांध से मिडिल स्कूल की दूरी करीब 8 किलोमीटर है। विकासखण्ड बैकुंठपुर के ग्राम पंचायत जगतपुर के आश्रित ग्राम बारबांध में 4 वार्ड है। जिसमें मतदाता लगभग 250 और जनसंख्या 500 हैं। गांव में प्राइमरी स्कूल (Primary school) व आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है। जहां पेयजल की कोई सुविधा नहीं है। ग्रामीण व स्कूल बच्चे ढोढ़ी का पानी पीने को मजबूर हैं। वहीं मिडिल स्कूल की दूरी 8-10 किलोमीटर होने के कारण पांचवी पास बच्चियां पढ़ाई छोड़ देती हैं। पिछले 2 साल में नौ बच्चियां पढ़ाई बंद कर दी हैं।
Barbandh
Barbandh Primary school

ग्राम बारबांध पहाड़ पर बसे होने के कारण मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। बारबांध चारों ओर जंगल पहाड़ी से घिरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर थोड़ा बहुत भी बारिश होने पर चिकनी मिट्टी के कारण आवागमन बाधित होता है।
इसी बीच किसी की तबीयत खराब हो जाए तो एंबुलेंस तो दूर, बाइक से भी नहीं ले जा सकते हैं। बरसात के दिन में 4 महीने भारी कष्ट के साथ गुजर-बसर करना पड़ता है। बरसात के समय में 4 महीने का एक बार में राशन दिया जाता है।

गांव से चिरमिरी पास, लेकिन पहाड़ के बीच से रास्ता नहीं
नगर निगम चिरमिरी कोरिया कॉलरी से महज 3-4 किलोमीटर ग्राम बारबांध स्थित है, लेकिन पहाड़ के बीच से कोई रास्ता नहीं है। ग्रामीण पगडंड़ी से कोरिया बाजार हाट करने जाते हैं। जबकि बरबसपुर 12 से 15 किलोमीटर पड़ता है। बारबांध में प्राथमिक शाला (Primary school) है। 5वीं पास होने के बाद बच्चों को रोजाना मिडिल स्कूल जगतपुर जाना पड़ता है, जिसकी दूरी लगभग 8 किलोमीटर है। कई बच्चे बाहर अपने रिश्तेदार के घर रह कर पढ़ाई करते हैं।
Take a look here too the government
IMAGE CREDIT: Village Barbandh road
वहीं आर्थिक रूप से एकदम कमजोर बच्चे पढ़ाई छोड़ देते हैं। खास कर लड़कियां पढ़ाई छोड़ देती हैं। इस साल 7 बच्चे पांचवी में अध्ययनरत हैं, जिसमें 5 बालिकाएं हैं। पांचवी पास होने के बाद आगे की पढ़ाई मुश्किल है। पिछले साल 4 बालिकाओं ने पढ़ाई छोड़ी थी। वहीं आठवी पास बच्चों को हायर सेकंडरी और हाईस्कूल नगर या बरबसपुर जाना पड़ता है, जिसकी दूसरी लगभग 12 से 15 किलोमीटर है। इन बच्चों को घाट पहाड़ वाले रास्ते से होकर जाना पड़ता है।
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बच्चियों के नहीं पढ़ पाने का है दुख
जगतपुर पंचायत मेरा चुनाव क्षेत्र है। जगतपुर में ही पानी की समस्या है। खास कर बारबांध में पानी की भारी समस्या है। वहां बोरिंग करवाया गया है, लेकिन जलस्तर नीचे होने की वजह से बोरिंग सक्सेज नहीं है। बच्चियां नहीं पढ़ पा रही हैं। मैं स्वयं एक महिला हूं, इसलिए मुझे दुख होता है। इस संबंध में कलक्टर और डीइओ से चर्चा करूंगी।
सौभाग्यवती सिंह, अध्यक्ष जनपद पंचायत बैकुंठपुर

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