ये खबर सुनते ही आधी रात को खदान में पहुंचे एसईसीएल के जीएम, नाइट्रोजन गैस भरने की आशंका पर काम बंद

सुरक्षा की अनदेखी से चिरमिरी के हल्दीबाड़ी स्थित एनसीपीएच खदान आर-6 में आग लगी, सप्ताहभर तक नहीं हो पाएगा कोयले का उत्पादन

By: rampravesh vishwakarma

Published: 15 Oct 2018, 02:52 PM IST

चिरमिरी/चिरमिरी पोड़ी. हल्दीबाड़ी एनसीपीएच कालरी आर-2 में सुरक्षा नियम का दरकिनार कर वेल्डिंग करने के कारण उसकी चिंगारी से खदान में आ आग गई है। मामले की जानकारी मिलने के बाद एसईसीएल के आला अधिकारी सहित फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची और आग बुझाने खदान के अंदर कवायद जारी रही। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।


शनिवार शाम करीब 5-६ बजे खदान के अंदर सुरक्षा नियम को दरकिनार कर वेल्डिंग कराई जा रही थी। इस दौरान वेल्डिंग की चिंगारी छिटक कर कोयला भण्डार के पास पहुंची, लेकिन वेल्डिंग करने वाले स्टाफ ने कोई ध्यान नहीं दिया। इससे कुछ देर बाद कोयला भण्डार से तेजी से धुआं निकलने लगा। मामले में कर्मचारियों ने खदान के अधिकारियों को इसकी सूचना दी।

इसके बाद एसईसीएल प्रबंधन ने आनन-फानन में रेस्क्यू टीम को बुलाया और खदान के अंदर घुसकर रेस्क्यू टीम आग बुझाने में कामयाब हुई। हालांकि खदान के अंदर कोयला का धुआं भरने के कारण दोपहर पाली में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को बीच में ही बाहर निकाल दिया गया।

वहीं शनिवार रात्रि पाली और रविवार सुबह-दोपहर पाली की ड्यूटी नहीं लगाई। एसईसीएल के तकनीकी अधिकारियों के अनुसार एक सप्ताह तक खदान के अंदर कोयला उत्खनन बंद करना पड़ेगा, क्योंकि खदान में नाइट्रोजन सहित अन्य गैस भरने के कारण खतरा है।

कोयला खदान में आगजनी की घटना के बाद मुख्य महाप्रबंधक के सामल, सुरक्षा खान प्रबंधक यूएस गेंदाम सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी रात करीब 1 बजे खदान के अंदर मुआयना करने पहुंचे थे।


रात 1 बजे महाप्रबंधक पहुंचे
जानकारी के अनुसार शनिवार रात को रेस्क्यू टीम को खदान के अंदर आग बुझाने भेजा गया था। काफी मशक्कत करने के बाद देर रात तक आग पर काबू पा लिया गया। वहीं खदान के अंदर स्टापिंग का कार्य भी कराया गया।

वहीं खदान में आग लगने की सूचना मिलने के बाद एसईसीएल के मुख्य महाप्रबंधक के सामल रात करीब 1 बजे पहुंचे और खदान में घुसकर मौके का मुआयना किया। फिलहाल आगजनी से किसी प्रकार का कोई जनहानि की खबर नहीं है लेकिन कोयला उत्पादन बंद कर दिया गया है। खदान से प्रतिदिन करीब 6.50 टन कोयला उत्पादन होता है।


आग लगने के बाद कर्मचारी थे मौजूद
एनसीपीएच हल्दीबाड़ी कालरी आर 2 माइंस में लगभग 600 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनकी अलग-अलग तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगती है। आगजनी की घटना के बाद शनिवार दोपहर पाली का कार्य प्रभावित रहा। वहीं शनिवार रात पाली और रविवार को सुबह पाली में रेजिंग का काम ठप पड़ा रहा।

इससे लगभग 6.50 टन कोयला रेजिंग का कार्य प्रभावित हुआ है। सूत्रों के अनुसार कोयला खदान में धुआं भरने के कारण करीब एक सप्ताह तक उत्पादन बंद रखना पड़ेगा। ऐसे में करीब 603 कर्मचारियों को कोयला उत्पादन के बिना ही वेतन भुगतान करना पड़ेगा।

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