घर में घुसकर किया था ऐसा काम कि क्षुब्ध होकर किशोरी ने की थी आत्महत्या...

किशोरी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी को 10 वर्ष का कठोर कारावास, 50 हजार रुपए के अर्थदंड से किया दंडित

By: shailendra tiwari

Published: 03 Jan 2020, 08:10 PM IST

कोटा. किशोरी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में न्यायालय पोक्सो क्रम संख्या एक ने शुक्रवार को आरोपी को 10 साल के कठोर कारावास एवं 50 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया, जबकि न्यायालय ने आरोपी को बलात्कार का प्रयास करने के आरोप में बरी कर दिया।


विशिष्ट लोक अभियोजक प्रेमनारायण नामदेव ने बताया कि किशोरी के पिता ने 9 अगस्त 2015 को अनंतपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें उसने बताया कि 9 अगस्त की दोपहर करीब 2 बजे उसकी 14 साल की बेटी घर पर अकेली थी। उस समय पड़ोस में रहने वाला तालाब गांव निवासी रघुवीर प्रसाद मीणा घर में घुस गया और उसकी बेटी से बलात्कार का प्रयास किया।

पड़ोस में पता लगने पर रघुवीर वहां से भाग गया। इस घटना से क्षुब्ध होकर उसकी लड़की ने कमरे में ही आत्महत्या कर ली। उसने सुसाइड नोट में घटना का जिम्मेदार रघुवीर को बताया।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बलात्कार के प्रयास, पोक्सो की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय के विशिष्ट न्यायाधीश अशोक चौधरी ने आरोपी को शुक्रवार को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में दस वर्ष के कारावास व 50 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।

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shailendra tiwari Desk
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