#FlashBack : तो इस बार मौत के कुएं में परवान नहीं चढ़ेगा प्यार...

Deepak Sharma

Publish: Oct, 13 2018 04:52:46 PM (IST)

Kota, Rajasthan, India

कोटा. सवा सौ साल पुराने हमारे दशहरा मेला से जुड़े कई किस्से-कहानियां हम पत्रिका डॉट कॉम पर आपसे साझा करते है। ..कला, संस्कृति और इतिहास के इतर एक दास्तां दो दिलों की भी है जो शायद इस बार देखने को न मिले। वजह..मेले में अभी तक मौत के कुएं के लिए आवेदन न होना लेकिन एक साल पहले परवान चढ़े इस इश्क की दास्तां दोबारा जरूर पढि़ए...


मौत का कुआं भले ही लोगों के लिए रोमांच का जरिया हो, लेकिन खतरों के खिलाड़ी यहां भी रोमांस करने से नहीं चूकते। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो घर परिवार का पेट पालने के लिए हर पल मौत से खेलते हैं। शुरूआत में भले यह उनका शौक रहे, धीरे-धीरे आजीविका बन जाता है। यहां, हम बात कर रहे हैं ऐसे जांबाजों की जो मौत का रोमांच दिखाकर दर्शकों का मनोरंजन करते हैं। आइये मिलाते हैं ग्रैण्ड कोटा दशहरा में 'मौत के कुएं' में आए कालाकारों से।

दिलेरी पर फिदा हुआ दिल

मौत के कुएं में एक युवा दम्पती एेसा भी है जिनके करतब के दौरान ही नैन लड़े और प्यार हो गया। आज दोनों एक साथ कभी बाइक पर तो कभी कार में कलाबाजी दिखाते हैं। छह साल से इस पेशे में यूपी के नारायणपुर निवासी युवक नदीम बताते हैं कि पांच साल पहले पैतृक गांव के पास के ही मेले में करतब दिखाते समय दर्शक दीर्घा में खड़ी मुस्कान से नैन लड़े और दोनों को इश्क हो गया। सालभर तक मौत का कुआं ही उनके मिलने का जरिया बनता रहा। रोमांच से सराबोर हो जहां लोग दांतों तले उंगलियां दबा लेते वहीं इन दोनों का इश्क परवान चढ़ रहा था और आखिरकार शादी के जरिए इस मोहब्बत को मंजिल भी मिल गई।


इश्क में बढ़े मौत के कुएं की ओर कदम

हर पल साथ निभाने की एेसी कसम कि मुस्कान ने भी मौत के कुएं की ओर कदम बढ़ा लिए। पति नदीम के साथ करतब सीखे और शुरू कर दिया खतरनाक रोमांच का सफर। मुस्कान बताती हैं, पहले तो थोड़ा डरी, लेकिन धीरे धीरे सिद्धहस्त हो गई। वे बताती हैं कि मौत के कुएं से ही हमारी जिंदगी है। इस कला का प्रदर्शन करते रहेंगे। परिवार बढऩे के बाद वो परिवार संभालेंगी, नदीम खर्च चलाएंगे। पेशा यही रहेगा।

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बाइक पर रहता है बच्चों का ख्याल

कुएं में यूपी के मुजफ्फरनगर निवासी 42 साल के खुर्शीद मोहम्मद जब इनफील्ड बाइक पर हाथ छोड़ कलाबाजियां दिखाते हैं तो दर्शक तो रोंगटे खड़े करने का रोमांच पैदा हो जाता है। सात बच्चों के पिता खुर्शीद खुद बताते हैं कि 'मन में हमेशा पविार की चिंता रहती है। वे 18 साल से करतब दिखा रहे। शौक में इस पेशे को चुना, लेकिन अब चिंता रहती है। इस उम्र में छोड़ भी नहीं सकते। परिवार पालने को रोजाना मौत से खेलना होता है। वे कहते हैं, 'खुदा कर रहमत से अब तक कोई हादसा नहीं हुआ, बस सलामती से दर्शकों का दिल बहताला रहूं।'

बाज सा लपकता इनामी नोट

18 वर्षीय आकाश भी कलाबाजियों में पीछे नहीं। वह हाईस्पीड चलती बाइक हैरतंगेज प्रदर्शन करता है। खास यह कि करतब के दौरान ही आकाश की पैनी नजर से बाज की तरह दर्शकों के हाथों के इनामी नोट झपट लेता है। कलाकार बताते हैं कि कभी कभी अनबेलेंस होने पर दुर्घटनाएं भी हो जाती हैं। गत वर्ष कोटा दशहरे में मौत के कुएं में कार पलट गई थी। सात-आठ साल पहले मुबई में भी हादसा हुआ था जिसका वीडियो आजकल वायरल हो रहा।

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