Smart City Kota : 1400 एकड़ में बनेगी स्मार्ट सिटी

केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय के निर्देश पर स्मार्ट सिटी के द्वितीय चरण के लिए सुझाव लेने का काम पूरा हो गया है।

केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय के निर्देश पर स्मार्ट सिटी के द्वितीय चरण के लिए सुझाव लेने का काम पूरा हो गया है। अब निगम के अधिकारी व कन्सल्टेंसी कम्पनी के प्रतिनिधि प्रस्ताव को अंतिम रूप देने में जुड़े हैं। 


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स्मार्ट सिटी में क्षेत्र आधारित विकास (एरिया बेस्ड डेवलपमेंट) के लिए 1400 एकड़ जगह चिह्नित की गई।  उधर सांसद ओम बिरला से मंगलवार को महापौर और कन्सल्टेंसी कम्पनी के प्रतिनिधियों ने उनके आवास पर स्मार्ट सिटी के प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की।


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स्मार्ट सिटी के दूसरे चरण में 80 शहरों का चयन किया जाएगा। इसमें प्रदेश में कोटा और अजमेर भी शामिल है। आयुक्त शिव प्रसाद एम. नकाते ने बताया कि स्मार्ट सिटी प्रस्ताव में क्षेत्र आधारित विकास के तहत रिट्रोफिटिंग पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है। 


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क्षेत्र आधारित विकास के लिए तीन विकल्प सुझाए गए थे, इसमें सिविल लाइंस के नेहरू पार्क से लेकर किशोर सागर तालाब, तालाब की पाल, गुमानपुरा, शॉपिंग सेन्टर दशहरा मैदान, शास्त्री नगर, तलवंडी, राजीव गांधी नगर आदि क्षेत्र के विकास के पक्ष में 71 फीसदी लोगों ने सुझाव दिए है। 


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यह क्षेत्र 1400 एकड़ है। जबकि स्टेशन क्षेत्र, डगवाडा, चम्बल नदी के विकास के पक्ष में 16 तथा  सूरसागर, थेगड़ा, दाईं मुख्य नहर, देवली अरब रोड क्षेत्र के विकास पर 13 फीसदी लोगों ने वोटिंग की है। यदि लोगों की राय को तवज्जो दी गई तो पहले प्रस्ताव को क्षेत्र आधारित विकास के लिए चयन किया जा सकता है। 


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सांसद ने कहा एक-एक इश्यू को लो

बैठक में सांसद बिरला ने सुझाव दिया कि स्मार्ट सिटी में क्षेत्र आधारित विकास के बजाए विषय आधारित विकास पर जोर दिया जाना चाहिए। उनका सुझाव था कि पहले सड़कों को ले लिया जाए, इसमें अच्छी सड़कें बनाकर दोनों तरफ हरियाली विकसित की जाए, ताकि आने-जाने वाले को स्मार्ट सिटी का अहसास हो सके। इसके बाद दूसरे विषय को लिया जाए। महापौर ने कहा कि केन्द्रीय शहरी मंत्रालय की गाइड लाइन के अनुरूप क्षेत्र आधारित प्रस्ताव किया गया है। 


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क्या है रिट्रोफिटिंग

रिट्रोफिटिंग  के तहत क्षेत्र आधारित विकास में पर्याप्त नगरीय  सुविधाएं प्रदान करके, वर्तमान क्षेत्र का सुधार करना है। जिसमें खुले मैदान, मनोरंजन के स्थान, सड़कों का विस्तार, परिवहन सुविधाएं, पर्यटन को बढ़ावा देने वाली सुविधाएं विकसित करना है। 


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मिश्रित भू उपयोग के साथ आर्थिक एंव वाणिज्यिक गतिविधियां, शहर के नदी, तालाब की सुरक्षा एवं संरक्षण,  गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं आदि शामिल हैं।

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shailendra tiwari
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