Online Fraud....पिज्जा मंगवाने पर खाते से उड़ाए 83 हजार

कोरोनाकाल में सायबर ठग हुए सक्रिये, आए दिन लोगों से कर रहे हैं ठगी

By: Ranjeet singh solanki

Published: 11 Jun 2021, 05:05 PM IST

झालावाड़. सावधान रहे! कहीं आप भी ठगी के शिकार नहीं हो जाएं जी हां, कोरोनाकाल में घर बैठे खाने-पीने व अन्य सामान की डिलीवरी मंगवाना भारी पड़ सकता है। कोरोनाकाल में सायबर ठग जमकर ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं। तो कुछ ठग रिश्तेदारों के नाम पर व कुछ सोशल मीडिया पर एकाउंट हैक कर हादसा व अन्य घटना के नाम से पैसे मंाग रहे है। इतना ही नहीं कोरोना में बेरोजगार हुए युवाओं को रोजगार का लालच देकर जेब पर ऑनलाइन सेंध मारी जा रही है। सायबर ठगों ने इसके लिए एक तरीका निकाला है। ऑनलाइन विज्ञापन के जरिए उन्हें पैसा कमाने का सिस्टम बताया जा रहा है। इसमें उन्हें ये बताया जा रहा है कि एक लिंक पर क्लिक करना होगा या एक एप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद आप घर बैठे ही 25 से 30 हजार महीना आसानी से कमा सकते हैं। कोरोना काल में लगभग डेढ़ साल से कई काम-काज ठप हैं और कफ्र्यू व लॉकडाउन के कारण धंधे चौपट हो चुके हैं। ऐसे में लोग हर समय कमाई का जरिया ढूंढते रहते हैं जिसके जरिये वे लॉकडाउन में अपना गुजारा चला सकें। इसका फायदा साइबर ठग उठा रहे हैं। वे बेरोजगारों को घर बैठे ही कमाई करने का लालच देकर ठगने का काम कर रहे हैं। साइबर मामलों के जानकारों के अनुसारए ठग लोगों को ऐसे लिंक्स भेजते हैं जो लोगों को आगे से आगे फॉरवर्ड करने होते हैं। ये लिंक किसी अननोन साइट का होता है जिसमें पहले रजिस्ट्रेशन कराना होता है। इसमें कुछ मामूली रकम 300 या 500 रुपए रखकर खाता खोलना होता है। इसके बाद आपको ये लिंक अधिक से अधिक लोगों को भेजना होता है। इसके आधार पर आपके खाते में राशि जुड़ती जाती है। थोड़ी राशि जोडकऱ ये आपको और अधिक राशि आपको डालने को बोलते हैं ताकि और अधिक पैसे आप कमा सकें, यदि आप अधिक राशि जोड़ देते हैं तब से ही लिंक ओपन होना बंद हो जाता है और वो अकाउंट काम ही नहीं करता है। ऐसे में लोग खुद को ठगा महसूस करते हैं। इस संबंध में वो कुछ कर भी नहीं पाते क्योंकि वो लिंक ओपन ही नहीं हो पाता। इसी तरह ऐसे कई अर्निंग एप्स आ गए हैं जिनके माध्यम से युवाआ व लड़कियों को अधिक से अधिक जोड़ा जाता है। उन्हें थोड़े समय व थोड़े खर्च में अधिक कमाई का लालच दिया जाता है। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के साइबर सेल की ओर से भी लोगों को इस संबंध में चेतावनी भी दी गई है। सोशल मीडिया हैंडल पर ऑनलाइन अर्निंग एप के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया है कि कोरोना महामारी के दौरान साइबर अपराधी आकर्षक ऑफर का वादा कर के ऑनलाइन कमाई करने वाले एप द्वारा मासूम अनभिज्ञ लोगों को ठग रहे हैं। ऐसे में इन संदेहास्पद एप्स में निवेश करने से बचें। झालावाड़ के सहायक पुलिस अधीक्षक अमित कुमार का कहना है कि ऑनलाइन ठगी के मामले में बिहार से एक बच्चे को निरूद्ध किया है। लोगों को साइबर क्राइम के प्रति बहुत ज्यादा जागरूक होने की जरूरत है। सोशल मीडिया पर अपनी किसी प्रकार की जानकारी शेयर नहीं करें, कई बार लोग नई चीज खरीदते हैं उसे शेयर कर देते हैं, ठग उसे देखकर उसके बारे में बात कर ऑफर आदि के बहाने आप से ओटीपी पूछकर फ्रॉड कर लेते है। ऐसा कई बार देखा गया है कि इन अज्ञात लिंक पर लुभावने ऑफर्स को देखकर लोग क्लिक कर देते हैं और बाद में मालूम चलता है कि मोबाइल हैक हो चुका है। इसलिए हमेशा वेरीफाइड लिंक को ही खोलें। अननोन लिंक्स को नहीं खोलें। अभी ऑक्सीमीटर एप के माध्यम से ऑक्सीजन चेक करने के बहाने अंगूठा लगवाने व वैक्सीन आदि के पंजीयान के नाम पर भी ठगी की जा रही। ऐसे में जिलेवासियों से अपील है कि ओटीपी किसी भी सूरत में किसी को नहीं बताएं।

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