कुछ ऐसा काम कर बैठे कि धरे गए बाबू...

रिश्वत लेने के मामले में वरिष्ठ लिपिक को 3 साल की सजा, तारीख देने के बदले तीन सौ रुपए की मांगी थी रिश्वत 15 हजार रुपए के अर्थदंड से किया दंडित

By: Suraksha Rajora

Published: 15 Nov 2018, 05:32 PM IST

Kota, Kota, Rajasthan, India

कोटा. एसीबी न्यायालय ने रिश्वत लेने के मामले में अंता के सहायक कलक्टर कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक को तीन सौ रुपए की रिश्वत लेने के मामले में तीन वर्ष के कारावास की सजा व 15 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। सहायक निदेशक अभियोजन एसीबी कोटा अशोक जोशी ने बताया कि परिवादी बाबूलाल माली तारड़ीखेड़ा तहसील अन्ता 11 अक्टूबर 2004 को बारां एसीबी में शिकायतदी थी। कि उसके पिता चतराराम माली की मृत्यु के बाद छह बीघा भूमि का इंतकाल उसके नाम खुल गया था।

 

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इसके बाद उसके ताऊ के लड़के ने 20 रुपए के स्टाम्प पर झूठा बेचाननामा पेश कर तहसील अन्ता के एसीएम कोर्ट में परिवाद दायर कर दिया था। जिसकी अंता सहायक कलक्टर कार्यालय में पेशियां पड़ती रहती थी। पेशी के दौरान कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक सवाईमाधोपुर जिले के
बामनवास तहसील के झाटोली गांव निवासी रामचरण मीणा ने प्रति पेशी 3 से 4 सौ रुपए मांगता था। 4 अक्टूबर 2004 को पेशी पर रुपए नहीं देने पर उसने अगली पेशी पर रुपए लेकर आने की बात कहते हुए रुपए नहीं लाने पर तारीख नहीं देने की बात कही। इस मामले में एसीबी ने परिवादी की शिकायत पर मामले का सत्यापन करवाया तो मामला सही पाया गया।

 

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इस पर एसीबी की टीम ने 13 अक्टूबर 2004 को वरिष्ठ लिपिक रामचरण मीणा को तीन सौ रुपए लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इस मामले में एसीबी ने आरोपी के खिलाफ जांच कर चालान न्यायालय में पेश किया। जहां गुरुवार को आरोपी को तीन वर्ष के कारावास व 15 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।

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