' 2 हजार रुपए की बंधी थी साहब, 15 हजार मांग रहा था, घाटे में थी दुकान, कैसे देता..

Rajesh Tripathi

Updated: 06 Jun 2019, 08:58:48 PM (IST)

Kota, Kota, Rajasthan, India


कोटा एसीबी की टीम ने लाखेरी के पुलिस उपअधीक्षक ओमप्रकाश चांदोलिया को गुरुवार सुबह सरकारी आवास में शराब ठेकेदार से 24 हजार रुपए की घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। मामले में शराब विक्रेता व फरियादी जोगेन्द्र सिंह ने बताया कि अपे्रल 2019 में नए आबकारी ठेकों में झालीजी का बराना में कम्पोजिट शराब का ठेका का नया ठेका हुआ था। जिसका लाइसेंस मनोज कुमार सैनी के नाम था। वह इसका संचालन करता था। शराब की कम्पोजिट ठेके की वर्ष भर की गारंटी 28 लाख रुपए की थी। ऐसे में काफी महंगी दुकान होने व खर्चे निकालने के बाद वह घाटे में जा रहा था।

झालाजी का बराना की इस कम्पोजिट शराब के ठेके की पुलिस उप अधीक्षक की दो हजार रुपए की बंदी थी। लेकिन पुलिस उप अधीक्षक 15 हजार रुपए मांग रहा था। इसके लिए उसने अपे्रल में एक दलाल को भी भेजा। इस पर उसने दो हजार रुपए दे दिए, लेकिन चांदोलिया ने दलाल से मई में रुपए लौटा दिए। इस पर उसने सेल्समैन को तीन हजार रुपए महीने देने के लिए उनके पास भेजा। उसे भी चांदोलिया ने 15 हजार रुपए देने की मांग कर गालीगलौच कर लौटा दिया। इस पर जोगेन्द्र 3 जून को चांदोलिया से मिलने उसके घर पहुंचा, तो उसने 15 हजार रुपए की मंथली की बात दोहराई। जोगेन्द्र ने रकम ज्यादा बताते हुए दुकान में घाटे की बात कही तो चांदोलिया 10 हजार रुपए महीने की मंथली की बात पर अड़ गया।

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ऐसा सोचा नहीं था कि ठेकेदार धोखा देगा
एसीबी ने जब चांदोलिया को गिरफ्तार किया तो वह स्तब्ध रह गया। उसे ऐसा होने का तनिक भी अंदेशा नहीं था कि वह एसीबी द्वारा धरा जाएगा। इस पर ऐसा सोचा नहीं था कि शराब ठेकेदार उसे फंसा देगा।

एसीबी ने धरा तो फूट-फूट कर रोया

एसीबी ने जब उसे गिरफ्तार किया तो कुछ देर तो चांदोलिया को कुछ समझ ही नहीं आया। लेकिन कुछ समय बाद जब कार्रवाई शुरू हुई तो वह फूट-फूट के रोने लगा।

पार्टी में उलझा, नहीं तो ईद पर ही हो जाता ट्रेप
चांदोलिया रंगीन मिजाज अफसर है। एसीबी ने 4 मई को शिकायत मिलने के बाद तुरंत उसकी दिन इसका सत्यापन करवाया। सत्यापन होते ही उन्होंने 5 मई को उसे ट्रेप करने की योजना बना ली। इस पर परिवादी ने उसे फोन किया तो उसने 5 मई को शेष 24 हजार रुपए लेकर आने को कहा। इस पर एसीबी टीम भी लाखेरी पहुंच गई, लेकिन ईद होने से मामले में वह कस्बे में ड्यूटी पर घुमता रहा। दोपहर बाद जब परिवादी ने उससे बात की तो वह पार्टी मना रहा था। ऐसे में उसने परिवादी को अगले दिन आने के लिए कहा। ऐसे में पार्टी के चलते वह ईद के दिन ट्रेप होने से बच गया।

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