हाड़ौती में नकली खाद-बीज बेचने पर निगरानी नहीं

खाद-बीज के सेम्पल पर कृषि के दो बड़े अधिकारियों में कार्य क्षेत्र की जंग, दोनों अधिकारी एक-दूसरे पर डाल रहे हैं जिम्मेदारी

Deepak Sharma

October, 1806:45 PM

Kota, Kota, Rajasthan, India

कोटा. राज्य सरकार ने रबी की बुवाई शुरू होने के साथ ही हाड़ौती समेत प्रदेश में नकली खाद-बीज बेचने पर निगरानी रखने तथा सैम्पल लेने के निर्देश दिए हैं, लेकिन कोटा में कृषि विभाग के दो शीर्ष अधिकारियों में कार्य क्षेत्र को लेकर जंग छिड़ गई है। इस कारण Pesticide कीटनाशक दवाइयों के नमूने लेने के लिए एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ रहे हैं। किसान कीटनाशक की शिकायत लेकर जाते हैं तो एक-दूसरे अधिकारियों के क्षेत्र की बात कह कर टाल रहे हैं। इस कारण किसान चक्कर लगाने को विवश है।

किसानों ने बताया कि दो दिन पहले एक कीटनाशक के नमूने की जांच करवाने को लेकर कृषि विस्तार के संयुक्त निदेशक डा. रामावतार शर्मा के पास गए तो उन्होंने कहा कि सीएडी के कृषि खण्ड के कृषि विस्तार अधिकारी ही सेम्पल लेने और लाइसेंस जारी कर्ता है,इसलिए वहीं शिकायत करें। किसान सीएडी कृषि खण्ड में कृषि विस्तार अधिकारी भगवानसिंह के पास शिकायत लेकर पहुंचे तो कहा कि कृषि विस्तार के संयुक्त निदेशक कार्यालय में शिकायत करें, वहां गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारी है, वह सेम्पल की जांच करेंगे। दोनों ही विभागों ने जांच नहीं की।

जबकि कृषि आयुक्त ने कीटनाशक, उर्वकर और बीज के मासिक नमूने लेने के लिए लक्ष्य आवंटित कर दिए हैं। अक्टूबर से दिसम्बर तक खाद-बीज और कीटनाशक बेचने का मुख्य सीजन होता है। अधिकारियों की आपसी खींचतान का नकली दवाइयां बेचने वाले उठा रहे हैं।

मुख्यालय के निर्देश पर दर्ज हुआ था मुकदमा
पिछले दिनों नई धानमंडी में एक व्यापारी द्वारा प्रतिबंधित दवाइयां बेचने का मामला सामने आया था। किसानों की शिकायत के बाद भी सीएडी कृषि खण्ड के अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की थी। बाद में विधानसभा में प्रतिबंधित कीटनाशक दवाइयां बेचने का मामला उठने के बाद व्यापारी के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था और व्यापारी को जेल भेज दिया गया था। इस मामले में अधिकारियों की लापरवाही सामने आने पर विभागीय कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
कीटनाशक दवाइयां की लाइसेंस जारीकर्ता सीएडी के कृषि विस्तार अधिकारी व परियोजना निदेशक है। वही सेम्पल लेंगे और वही कार्रवाई कर सकेंगे। उनके पास सीज करने की शक्तियां भी है। इसलिए शिकायत करने वालों को उनके पास भेजा था।

डा. रामावतार शर्मा, संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार कोटा खण्ड
खाद-बीज और कीटनाशक के सैम्पल लेने का अधिकार संयुक्त निदेशक व उनके अधीनस्थ अधिकारियों है। वे भी सैम्पल ले सकते हैं। नयापरा में दो दिन पहले भी सेम्पल लिए थे। अधिकार नहीं है तो फिर क्यों लिए थे, बताएं।
बलवंतसिंह परियोजना निदेशक सीएडी कृषि खण्ड कोटा

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Deepak Sharma
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