रिश्वत के आरोपी थानाधिकारी की जमानत याचिका खारिज

विशिष्ठ न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय कोटा

By: shailendra tiwari

Published: 10 May 2021, 07:31 PM IST

कोटा. विशिष्ठ न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय कोटा के न्यायाधीश प्रमोद कुमार मलिक ने शराब की दुकानें सुचारू रूप से चलाने की एवज में 10 हजार रुपए रिश्वत राशि प्राप्त करने के आरोपी बूंदी जिले के देई थाने के थानाधिकारी नारायणराम की जमानत अर्जी खारिज कर दी।


सहायक निदेशक अभियोजन अशोक कुमार जोशी ने बताया कि 10 मार्च को परिवादी बूंदी जिले के नैनवां तहसील के खेरूणा निवासी मोतीलाल ने एसीबी में शिकायत दी थी कि भजनेरी गांव में शराब का ठेका है, जिसकी अनुज्ञाधारी मौसमी बाई है। इसमें मिश्रीलाल के नाम से नौकरनामा है। गुढ़ा सदावर्तिया गांव में शराब ठेका है, जिसके अनुज्ञाधारी रामधणी मीणा के नाम है, इस पर उसका भांजा राकेश के नाम से नौकरनामा है। दोनों दुकानों की देखभाल व हिसाब किताब वह खुद व राकेश करते हैं।

दोनों शराब ठेके वैध व लोकेशन वाले हैं। इसके बावजूद देई थानाधिकारी नारायणराम व सिपाही हरिराम आए दिन बंधी के लिए परेशान करते हैं। दोनों एक ठेके के 7 हजार रुपए के हिसाब से 14 हजार रुपए मासिक बंधी मांग रहे हैं। मजबूरी में पहले रिश्वत दी। एसीबी ने सत्यापन के बाद ट्रेप की कार्रवाई करते हुए 11 मार्च 2021 आरोपी सिपाही हरिराम को परिवादी से 10 हजार रुपए रिश्वत राशि व एक शराब की बोतल लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।

जांच के बाद आरोपी थानाधिकारी नारायणराम व कांस्टेबल हरिराम को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में 7 मई को एसीबी ने आरोप पत्र पेश करने के बाद थानाधिकारी नारायणराम की ओर से जमानत याचिका प्रस्तुत की गई थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दी।

Show More
shailendra tiwari Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned