परदे में रखा भालू...दिनभर उड़ाई दावत...देखिये वीडियो

Shailendra Tiwari

Publish: Nov, 10 2018 08:51:02 PM (IST)

Kota, Kota, Rajasthan, India

कोटा । रामगढ़ .अभयारण्य के पास राता बरड़ा बस्ती से रेस्क्यू कर चिडिय़ाघर में लाए गए भालू को दर्शकों से अलग रखा गया है। यह पिंजरे में यहां वहां घूमता रहा। जंगल से लाया गया यह भालू बीच बीच में आक्रामक भी नजर आया। यह कई बार पिंजरे की जालियों के पास खड़ा हो गया। सावचेती के तौर भालू को दर्शकों को नहीं दिखाया गया।इसे पिंजरे में पर्दे में रखा गया। विभागीय चिकित्सक अखिलेश पाण्ड्ेय के अनुसार भालू पर पूरी निगरानी रखी गई। यह सामान्य है। सावचेती के तौर पर इसे पर्दे में रखा गया है। पांडे्य ने बताया कि भालू को शनिवार को खाने में एक किलो सीताफल, पाव भर पिंडखजूर, एक किलो दूध, 400 ग्राम ब्रेड व आधा किलो आटे की रोटी दी गई। रात को भालू ने पर्याप्त भोजन किया। इससे पूर्व लोगों में भालू को लेकर कौतुहल नजर आया। चिडिय़ाघर में आने वाले दर्शक इसके बारे में पूछते नजर आए। बच्चों में विशेष जिज्ञासा नजर आई। गौरतलब है कि यह भालू बुधवार को रामगढ़ अभयारण्य से निकलकर क्षेत्र में स्थित राता बरड़ाबस्ती में आ गया था,

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इसे वन्यजीव विभाग की टीम डॉक्टर पाण्डेय व मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व के चिकित्सक तेजेन्द्र सिंह रियाड़ की अगुवाई में विभाग की टीम रेस्क्यू करके लाई थी।


खलती है कमी भालू की
चिडिय़ाघर में वर्षों से भालू नहीं है। पूर्व में बसंत व सूरज दो भालू थे, उनकी मौत के बाद कोई भालू यहां नहीं लारया गया। इस दौरान रेस्क्यू करके भालू को लाया गया, लेकिन बाद में इन्हें वापिस जंगल में छोड़ दिया गया। चिडिय़ाघर में आए बालक बंटी ने बताया कि बताया कि चिडिय़ाघर में लोग ज्यादा शेर, भालू, हिरण को देखने आते हैं। भालू नहीं दिखता है तो निराशा होती है।

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