कोरोना से अटकी 'बेटियों की साइकिल, प्रतिभावन विद्यार्थियों के 'लैपटॉप

राज्य सरकार के भले दो साल का कार्यकाल पूरा हो गया है, लेकिन कोरोना के कारण इस साल बेटियों को साइकिल व प्रतिभावन विद्यार्थियों को लैपटॉप योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।

 

 

 

 

By: Abhishek Gupta

Published: 30 Dec 2020, 12:58 PM IST

कोटा. राज्य सरकार के भले दो साल का कार्यकाल पूरा हो गया है, लेकिन कोरोना के कारण इस साल बेटियों को साइकिल व प्रतिभावन विद्यार्थियों को लैपटॉप योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। जबकि ये सरकार की लाभकारी योजना है। पूरा साल गुजरने को है, लेकिन विद्यार्थी अब तक वंचित है।

दरअसल, कोरोना के कारण इस साल स्कू  ल नहीं खुले। इस कारण इनका वितरण नहीं किया गया। जबकि अनलॉक के बाद स्कू  लों को खोल दिए। अभिभावक की अनुमति लेकर विद्यार्थी अपनी पढ़ाई के डाउट क्लियर के लिए स्कू  ल भी जा रहे है। सबसे अधिक परेशानी ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को हो रही है। बेटियों को साइकिल नहीं मिलने से वे पैदल ही स्कू  ल आ-जा रही है। वहीं, कोरोना से बचाव के लिए सरकार विद्यार्थियों को स्माइल अभियान के तहत ऑनलाइन पढ़ा रही है, लेकिन बोर्ड परीक्षाओं के प्रतिभावन विद्यार्थियों को लैपटॉप नहीं दिए गए। इससे विद्यार्थियों को इनका फायदा नहीं मिल पा रहा है। मजबूर उन्हें औने-पौने दामों में लैपटॉप व स्मार्टफोन खरीदकर पढऩा पड़ रहा है।

यह है योजना

राज्य सरकार सरकारी स्कू  लों में कक्षा 9वीं में अध्ययनरत नियमित छात्राएं जो 5 किमी दूरी से विद्यालय में अध्ययन के लिए आती है, उनको प्रतिवर्ष नि:शुल्क साइकिल देने की योजना चला रखी है। वहीं, बोर्ड के टॉपर्स को लैपटॉप देने की योजना है। निदेशलय स्तर पर इनके टेंडर होते है। उसके बाद ये बांटे जाते है।

पिछले साल ये मिला था लाभ

पिछले साल कोटा जिले में 7271 बेटियों को साइकिलें बंटी थी। जबकि इस साल करीब 8 हजार बेटियों को साइकिलें बंटनी है, लेकिन अभी तक नहीं बंटी है। इसके अलावा पिछले साल 689 विद्यार्थियों को लैपटॉप व 28 विद्यार्थियों को स्कू  टी का फायदा मिला था।

इनका यह कहना

स्कू  ल खुलने के बाद निदेशालय स्तर पर विद्यार्थियों को सरकार की लाभकारी योजना का फायदा देने को लेकर हलचल शुरू हो गई है। बेटियों की पुरानी बची साइकिलों को लेकर आज ही सूचना मांगी गई है। बोर्ड के टॉपर्स के लैपटॉप को लेकर कोई सूचना नहीं मिली। अब ज्यों ही निर्देश मिलेंगे, उसी तरह प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

- महिपाल सिंह, एडीईओ, डीईओ माध्यमिक

Abhishek Gupta
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned