Big Warning : मांगें नहीं मानी तो 26 जुलाई के बाद निजी बसों की अनिश्चितकालीन हड़ताल

-राजस्थान में निजी बस संचालकों ने दिया अल्टीमेटम, एक दिन हड़ताल कर सरकार को ज्ञापन भेजा
-निजी बसों की एक दिवसीय हड़ताल में पूरे प्रदेश में परेशान रहे यात्री, रोडवेज में बढ़ गया यात्री भार

By: KR Mundiyar

Published: 23 Jul 2021, 02:28 AM IST

कोटा.
राजस्थान में गुरुवार यानि 22 जुलाई को निजी बसों की एक दिवसीय हड़ताल के कारण हजारों यात्री परेशान रहे। निजी बसें बंद रहने से प्रदेश भर में रोडवेज बसों में यात्री भार बढ़ गया। सभी शहरों के रोडवेज डिपो में यात्रियों का हुजूम उमड़ा देखा गया। निजी बसों की एक की हड़ताल से जहां एक तरफ बस मालिकों को लाखों का नुकसान हुआ वहीं दूसरी तरफ यात्री भार बढऩे से रोडवेज को लाखों का फायदा हुआ है।


पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार गुरुवार को प्रदेश के सभी शहरों में निजी बस संचालकों ने हड़ताल (Private Bus Strike ) पर रहकर विरोध-प्रदर्शन किया। निजी बस मालिक संघ एवं एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिला कलक्टर को सौंप कर अपनी मांगें दोहराई। कोटा संभाग मुख्यालय पर शिष्टमंडल ने कलक्टर तथा परिवहन अधिकारी को भी ज्ञापन सौंपे गए। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने बस संचालकों की मांगें नहीं मानी तो 26 जुलाई के बाद राजस्थान में निजी बसों की अनिश्चितकालीन हड़ताल (Long Strike ) की जाएगी।


बस मालिक संघ कोटा संभाग अध्यक्ष व राजस्थान बस ऑनर एसोसिएशन के महासचिव सत्यनारायण साहू ने बताया कि टैक्स माफ करने समेत अन्य मांगों को लेकर निजी बस संचालकों ने गुरुवार को निजी बसों के पहिए जाम कर दिए। निजी बसों के एक दिन बंद रहने से बस मालिकों को एक दिन में पूरे प्रदेश में करीब 100 करोड़ एवं कोटा में 30 लाख का नुकसान हुआ। वहीं सरकार को भी पेट्रोल-डीजल की बिक्री नहीं होने से नुकसान हुआ है। ज्ञात है कि प्रदेश में करीब 29 हजार निजी बसें है।


एसोसिएशन पदाधिकारियों ने बताया कि एक दिन की सांकेतिक हड़ताल कर सरकार को चेताया है। अब 26 जुलाई तक सरकार ने मांगें नहीं मानी तो आगे की रणनीति तय कर अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के अकील पठान, ट्रैवल एजेंसी के अध्यक्ष अशोककुमार चांदना, महासचिव विजेन्द्र कुमार गुप्ता समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।


निजी बस संचालकों की यह मांगें-
एक वर्ष का टैक्स माफ हो, किराए में 40 प्रतिशत की वृद्धि की जाएं, स्टेट केरीज बसों को सीएनजी में बदलने के लिए बिना ब्याज के 3 लाख का ऋण दिलाया जाएं सहित अन्य मांगें हैं।

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