राजस्थान के इस घना में भी है दुर्लभ पक्षियों का खूबसूरत संसार...

राजस्थान के इस घना में भी है दुर्लभ पक्षियों का खूबसूरत संसार...

Suraksha Rajora | Updated: 02 Aug 2019, 01:51:47 PM (IST) Kota, Kota, Rajasthan, India

jamunia island प्रदेश में भरतपुर ही नही चम्बल के बीच जामुनिया द्वीप पर भी परिंदों का खूबसूरत संसार..ओपन बिल स्टोर्क से आबाद...

 


कोटा. पक्षी प्रेमियों के लिए खुश खबर है। चंबल के बीच जामुनियां दीप अपनी खूबसूरती के साथ ओपन बिल स्टॉर्क की मौजूदगी से आबाद हो रहा है। इनकी आबादी न सिर्फ संख्यात्मक रिकॉर्ड दर्शा रही है, बल्कि पक्षीविदें की मानें तो भरतपुर पक्षी विहार के बाद यह ओपन बिल स्टोर्क की सबसे बड़ी कॉलोनी बन गई है।


नेचर प्रोमोटर व टीम के साथियों के मुताबिक कोटा से करीब 55 किलोमीटर की दूरी पर बालापुरा के पास चंबल के मध्य स्थित इस द्वीप पर ओपन बिल स्टोर्क ने 400 के करीब आशियाने बनाए हैं। हालांकि राष्ट्रीय पक्षी विहार की तुलना में यह संख्या काफी कम है, लेकिन भरतपुर के सिवा संभवतया अन्य कहीं इन पक्षियों की फिलहाल इतनी संख्या नहीं है।

पक्षियों की मौजूदगी से कोटा विश्वविद्यालय में शोधार्थी हर्षित शर्मा व अंशु शर्मा भी खासे उत्साहित हैं। वह बताते हैं कि पक्षियों का कलरव रोमांचित करने वाला है। इनकी खूबसूरती और चहलकदमी आकर्षित करती है। पक्षीविदों के मुताबिक जामुनियां दीप गत वर्षों से इन पक्षियों को खासा रास आ रहा है। इस वर्ष भी इन्होंने यहां वंशवृद्धि की है। नीड़ बनाने के बाद से नन्हें मेहमानों से आबाद भी हो रहे हैं।


रास आया जामुनिया
हाड़ौती नेचुर्लिस्ट सोसायटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ए एच जैदी के अनुसार जामुनिया दीप में वर्ष 2015 में इन पक्षियों की यहां पर संख्या करीब 600 थी, लेकिन चंबल में आए फ्लड से इनके नीड़ उजड़ गए। वर्ष 2016 में इनकी 150 के करीब रह गई। अगले ही वर्ष 2017 में 200 के करीब व गत वर्ष 2018 में 250 के करीब नीड़ बने। इस वर्ष इनकी संख्या 400 हो गई।


अन्य प्रजातियां भी
जामनिया द्वीप पर सिर्फ ओपन बिल स्टोर्क का ही डेरा नहीं, चंबल के बीच इस आयरलेंड पर नाइट हैरोन, लिटिल कॉरमोरेंट, लिटिल इग्रेट, केटल इग्रेट, ब्लेक हैडेड आईबीज समेत अन्य प्रजातियों के पक्षियों का कलरव भी गूंज रहा है। जैदी की मानें तो 1200 से 1300 के करीब पक्षियों के आशियाने बने हुए हैं।


सर्दी में क्रोकोडाइल पाइंट
सर्दी में मगरमच्छ वन्यजीव प्रेमियों को आकर्षित करते हैं। धूप सेकने के लिए व चंबल के मध्य इस दीप पर जमा हो जाते हैं। इन्हें देखने के लिए दूर दराज से लोग आते हैं। स्थानीय कन्हैयालाल का मानना है कि जिस तरह से यह द्वीप पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है, इसे पर्यटन स्थल घोषित किया जाना चाहिए। भरतपुर पक्षी विहार के बाद सबसे ज्यादा ओपन बिल स्टॉर्क हमारे यहा जामुनिया द्वीप पर 400 के करीब आशियाने

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