प्रेम प्रसंग के शक में मारा गया रोजगार सहायक

रोजगार सहायक के ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश
मास्टरमाइंड समेत हत्याकांड के चार आरोपी गिरफ्तार
युवती के पूर्व प्रेमी ने योजना बना दिया अंजाम

 

By: Deepak Sharma

Published: 30 Oct 2020, 12:49 AM IST

बारां. एक सप्ताह पहले लापता हुए हरनावदाशाहाजी थाना क्षेत्र के फूलबड़ौद गांव निवासी रोजगार सहायक दौलतराम लोधा की हत्या प्रेम प्रसंग की शंका के चलते युवती के पूर्व प्रेमी ने उसके साथियों के साथ मिलकर गला दबाकर की थी। आरोपियों ने शव की पहचान छुपाने के लिए चेहरे पर तेजाब डालकर जला दिया था। गत 24 अक्टूबर को सालर खोह गांव के निकट पठारी क्षेत्र में एक गड्ढे में दौलतराम का शव मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक डॉ. रवि सबरवाल के निर्देशन में गठित तीन थानों की पुलिस टीम ने मामले का खुलासा कर दिया। पुलिस ने गुरुवार को वारदात में शामिल पूर्व प्रेमी मास्टर माइंड रामस्वरूप लोधा समेत चार जनों को गिरफ्तार व एक बाल अपचारी को निरुद्ध किया है।
एसपी ने बताया कि करीब चार वर्ष पूर्व रामस्वरुप लोधा निवासी सालर खोह एक लड़की को बहला फुसलाकर भगा ले गया था। इस मामले में बापचा थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया था। आरोपी रामस्वरुप को 10 वर्ष की सजा हुई थी, लेकिन ढाई वर्ष बाद ही जमानत पर छूट गया था। जेल से बाहर आने के बाद रामस्वरूप ने पुन: उसी लड़की से सम्पर्क करना चाहा, लेकिन लड़की ने तवज्जो नहीं दी। रामस्वरूप को शंका थी कि वह लड़की दौलतराम के सम्पर्क में है। इस कारण रामस्वरूप ने दौलतराम को रास्ते से हटाने की योजना बनाई तथा वारदात को अंजाम दिया।
इस मामले में 23 अक्टूबर को भरोसी बाई ने पति दौलतराम की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इस पर तलाशी के दौरान 24 अक्टूबर को सालर खोह के जंगल में दौलतराम की लाश मिली। इस पर हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया तथा तकनीकी अनुंसधान व गोपनीय सूचना के आधार पर संदेह के आधार पर आरोपियों के घर व संभावित ठिकानों गोलूखेड़ी, बापचा, सालर खोह, कामखेड़ा व छबड़ा में दबिश दी गई। इस दौरान धामनियां के जंगल में बरडिय़ा क्षेत्र से मास्टर माइंड सालर खोह निवासी रामस्वरूप लोधा (25), नवल लोधा (20), विशाल लोधा (19), नरेश लोद्या (21) को गिरफ्तार किया गया। एक बाल अपचारी को निरुद्ध किया है।
टीम में छबड़ा थाना प्रभारी रामानन्द यादव, हरनावदाशाहजी थाना प्रभारी रविन्द्र सिंह, सारथल थाना प्रभारी नन्दसिंह के नेतृत्व में एएसआई भगवानसिंह, हैड कांस्टेबल सत्येन्द्र सिंह, अखेराज सिंह, जगदीश सिंह व कांस्टेबल मोहनलाल, कमलेश, प्रेमाराम, रामकुमार, कैलाश एवं विकाश आदि शामिल थे।
फर्जी चैटिंग कर जाल में फंसाया
रामस्वरूप ने दौलतराम से अनजान लड़की के नाम से वाट्सएप पर चैटिंग करना शुरू कर दिया तथा योजनाबद्ध तरीके से 22 अक्टूबर को रात्रि 8 बजे उसे सालर खोह जंगल में बुलाया। दौलतराम उसके साथी जानकीलाल कारपेंटर के साथ मोटरसाइकिल से सालर खोह के लिए रवाना हुआ। जैसे ही दौलतराम खाळ की तरफ गया। वहां पहले से ही घात लगाकर बैठे रामस्वरूप व साथियों ने उसे दबोच लिया तथा गला दबाकर हत्या कर दी। सबूत नष्ट करने के लिए उसका स्मार्ट फोन ले गए तथा शव की पहचान छुपाने के लिए चेहरे को तेजाब से जलाकर मौके से भाग गए।

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