कोटा में बिना सुरक्षा इंतजामों के दौड़ रही हैं नावें

कोटा जिले में चंबल नदी में कई जगह जान जोखिम में डालकर नावों का संचालन किया जा रहा है। कोटा बैराज के पास भी अवैध रूप से नावों का संचालन आम बात है।

By: Jaggo Singh Dhaker

Updated: 16 Sep 2020, 10:37 AM IST

कोटा. कोटा जिले की सीमा के आखिरी क्षेत्र खातौली क्षेत्र के गोठड़ा गांव में बुधवार सुबह एक नाव चम्बल नदी में डूब गई। इस नाव में 40 से अधिक लोगों की जान खतरे पड़ गई। यह तो एक उदाहरण मात्र है। हाड़ौती में ऐसी कई जगह हैं जहां पर बिना सुरक्षा इंतजामों के नावों का संचालन हो रहा है। नाव में यात्रियों को सुरक्षा जैकेट तक नहीं पहनाई जाती। जिला प्रशासन की ओर से इस मामले में घोर अनदेखी की जा रही है। इससे पहले गत 1 सितम्बर 2020 को कोटा बैराज के पास भी चंबल में नाव डूब गई थी। यात्रियों ने मुश्किल से तैरकर जान बचाई।

चम्बल नदी में डूबी यात्रियों से भरी नाव, 40 से ज्यादा थे सवार

इसका वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया। इसके अलावा कोटा बैराज के पास मछली पकडऩे के लिए अवैध रूप से नावें चल रही हैं। किशोर सागर में भी मछली पकडऩे के लिए अवैध नावों का संचालन किया जाता रहा है। कोटा बैराज के पास तो नदी में उतरकर मछली पकडऩा जारी है। यहां कई युवा जान जोखिम में डालकर नहाने आते हैं, लेकिन प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। इसके साथ ही जलमार्ग से रंगपुर से केशवरायपाटन जाने वाले लोगों भी सुरक्षा जैकेट नहीं पहनाई जा रही है। यहां भी कभी भी हदसा हो सकता है। ग्रामीण नावों में मोटरसाइकिलें तक रखकर ले जाते हैं।

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