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एक लाख की घूस लेते सूचना सहायक व दलाल गिरफ्तार

कोटा. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) कोटा की टीम ने शुक्रवार को एक किसान की जमीन के मुआवजे के मामले में एक लाख की घूस लेते हुए लाडपुरा उपखण्ड कार्यालय के सूचना सहायक व एक दलाल को गिरफ्तार किया है। घूस मामले में एसीबी ने दो आरएएस अधिकारी व एक नायब तहसीलदार को रडार पर लिया है।
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कोटा

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Deepak Sharma

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Updated: 5 Feb 2021, 7:46 PM IST

acb trapped

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कोटा. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) कोटा की टीम ने शुक्रवार को एक किसान की जमीन के मुआवजे के मामले में एक लाख की घूस लेते हुए लाडपुरा उपखण्ड कार्यालय के सूचना सहायक व एक दलाल को गिरफ्तार किया है। घूस मामले में एसीबी ने दो आरएएस अधिकारी व एक नायब तहसीलदार को रडार पर लिया है।
एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ठाकुर चन्द्रशील ने बताया कि सहायक कलक्टर (मुख्यालय) बालकृष्ण तिवारी, लाडपुरा उपखण्ड अधिकारी दीपक मित्तल तथा मण्डाना के नायब तहसीलदार विनय चतुर्वेदी की प्रकरण में पूर्व में ली गई रिश्वत राशि तथा बरामद रिश्वत राशि के लेन-देन में प्रथम दृष्टया संलिप्तता प्रकट हुई है। ट्रेप की कार्रवाई से कलक्ट्री में हड़कम्प मच गया और कई अधिकारी कार्यालय छोड़कर गायब हो गए। आरोपियों पर दूसरे पक्ष के पक्ष में जमीन का फैसला देने के लिए पांच लाख रुपए की घूस लेने का आरोप है।
एएसपी चन्द्रशील ने बताया कि परिवादी हेमराज ने 4 फरवरी को शिकायत दी थी कि उसके पिता व उसके भाइयों के नाम से ग्राम गोपालपुरा, बीलखेड़ी में संयुक्त खाते की कृषि भूमि है। परिवादी के चाचा के लड़के जमनालाल ने वर्ष 2009 में विभाजन के बाद अन्य खातेदारों के खिलाफ न्यायालय सहायक कलक्टर (मुख्यालय) कोटा में वाद लगाया था, जिसमें परिवादी के पक्ष में फैसला करवाने के लिए उसके गांव के दलाल बलराम मीणा ने सूचना सहायक एकांत से मिलवाया। सूचना सहायक ने उनके पक्ष में फैसला करवाने तथ खाते में मुआवजे के रुपए डलवाने के लिए एसीएम कोटा, एसडीएम लाडपुरा व उसके स्वयं के लिए चार लाख रुपए की मांग की। घूस नहीं देने पर एसीएम कोटा न्यायालय की ओर से 1 फरवरी को फैसला दिया, जिसमें भूमि खसरा नम्बर 106 व 120 की करीब 8.5 बीघा जमीन दिल्ली-मुम्बई हाइवे के लिए अवाप्त की गई है। जिसका दो करोड़ रुपए से ज्यादा मुआवजा स्वीकृत हो चुका है। विभाजन में जमनालाल के नाम कर दर्ज करने के आदेश दिए। फैसले के बाद परिवादी ने एसीएम कोटा के फैसले की अपील व फैसले पर स्टे आदेश के लिए वाद दायर किया। जिसमें सुनवाई के लिए 8 फरवरी की तारीख दी। एसीएम कोटा के फैसले 1 फरवरी के आधार पर मुआवजा राशि जमनालाल को रिलीज नहीं किए जाने के लिए प्रार्थना पत्र एसडीएम लाडपुरा दीपक मित्तल को दिया। सूचना सहायक एकांत ने परिवादी को दलाल बलराम मीणा से मिलने के लिए कहा। दलाल ने एक लाख रुपए की घूस की मांग की।

ऐसे ली घूस
परिवादी ने इसकी शिकायत 4 फरवरी को एसीबी को की। इसका गोपनीय सत्यापन करवाया। जिसमें आरोपी सूचना सहायक एकांत व दलाल बलराम मीणा ने मुआवजा राशि को जमनालाल के खाते में रिलीज नहीं करने की एवज में एक लाख रुपए रिश्वत की मांग की। इसकी पुष्टि करवाई गई। शुक्रवार को ट्रेप की कार्रवाई करते हुए दलाल बलराम मीणा को एक लाख रुपए की घूस लेते हुए एरोड्राम सर्किल पर गिरफ्तार किया। दलाल को सूचना सहायक एकांत ने रिश्वत की राशि लेकर थेकड़ा अक्षरधाम कॉलोनी के पास बुलाया। जहां आरोपी एकांत के आने पर डिटेल किया गया। एकांत ने घूस राशि के बारे में एसीएम कोर्ट के सूचना सहायक दीपक रघुवंशी तथा लाडपुरा एसडीएम दीपक मित्तल से वार्ता की।