scriptCanal system of Chambal getting ruined, farmers will have trouble | बर्बाद हो रहा चम्बल का नहरी तंत्र, किसानों को होगी परेशानी | Patrika News

बर्बाद हो रहा चम्बल का नहरी तंत्र, किसानों को होगी परेशानी

सीएडी की ओर से पत्र लिखने के बाद भी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों ने सुधार की पहल नहीं की है। किसानों दी आंदोलन की चेतावनी।

कोटा

Published: January 27, 2022 11:53:40 pm

कोटा. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के निर्माण के दौरान सीएडी के सिंचाई तंत्र के बिगडऩे के मामले में किसानों ने आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। सीएडी के अधिकारियों को ज्ञापन देकर मांग नहीं मानने पर आंदोलन के लिए अवगत करा चुके हैं। वहीं सीएडी की बिना अनुमति के 50 ड्रेनों में कार्य जारी है। कुछ जगह अनुमति दी है वहां भी एलाइनमेंट बिगाड़ दिया है। ड्रेन की चौड़ाई कम कर दी है। इसके बाद सीएडी के अधिशासी अभियंता ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक को पत्र लिखकर आपत्ति जताई। तत्काल कार्य बंद करने और सुधार के लिए कहा, लेकिन इसके बाद भी बिना अनुमति के सीएडी की ड्रेनों में कार्य किया जा रहा है। सीएडी की अनुमति निरस्त किए जाने की चेतावनी के बाद भी कार्य बंद नहीं किया गया है। वहीं जो डे्रन और धोरे खराब कर दिए हैं उन्हें सुधारा नहीं जा रहा है। कलक्टर के निर्देश के बाद भी कम चौड़ाई के पाइप डाले जा रहे हैं। जबकि 2 गुणा 2 मीटर के बॉक्स कल्र्वट बनाने जाने चाहिए थे। जिला कलक्टर ने गत 13 जनवरी को बैठक लेकर कहा था कि सभी निर्देशों की पालना करते हुए ही मौके पर कार्य कराया जा सकता है। इसके बाद गत सोमवार को कुछ किसानों ने संभागीय आयुक्त दीपक नंदी से मिलकर पीड़ा बताई। इस पर संभागीय आयुक्त ने मौका देखकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
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खानापूर्ति कर रहे सीएडी के अधिकारी
सीएडी के अधिशासी अभियंता ने नहरी तंत्र की चौड़ाई कम करने पर जिस जगह कार्य करने की एनओसी दी गई उसे निरस्त करने की चेतावनी दी, लेकिन इसके बाद कमियां दूर नहीं करने पर भी एनओसी निरस्त नहीं की गई। वहीं 50 स्थानों पर बिना एनओसी के ही कार्य हो रहा है। इसके बाद भी कोई कानूनी प्रक्रिया अमल में नहीं लाई गई। ऐसे में किसानों ने सीएडी के अभियंताओं पर भी ठेकेदार फर्म से मिलीभगत का आरोप लगाया है। किसानों ने अभियंताओं की भूमिका की भी जांच करने की मांग रहे हैं। किसान राकेश सनाढ्य ने बताया कि सीएडी के अभियंता फील्ड में सब देखते हैं फिर भी बिना अनुमति के कार्य क्यों हो रहा है। उन्होंने बताया कि कंवरपुरा, जालिमपुरा, मंडोला, कल्याणपुरा, भगतरी, खेड़ली तंवरान, नोताड़ा, झाडग़ांव, रामनगर सहित अन्य कई गांवों के किसानों में सीएडी का नहरी तंत्र बिगडऩे पर असंतोष है।

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