स्कूलों की बदल दी तस्वीर- बना दी बच्चों के लिए नई लैब

मन में यदि इच्छा शक्ति हो तो हर काम आसान है। कुछ ऐसी ही पहल की पुरस्कृत शिक्षक फोरम के अध्यक्ष ने। उनकी पहल ने स्कू  लों की काया पलट दी।

 

By: Abhishek Gupta

Updated: 26 Jan 2021, 01:17 PM IST

कोटा. मन में यदि इच्छा शक्ति हो तो हर काम आसान है। कुछ ऐसी ही पहल की पुरस्कृत शिक्षक फोरम के अध्यक्ष ने। उनकी पहल ने स्कू  लों की काया पलट दी। राउमावि कुन्हाड़ी आवासन मंडल की प्रिंसिपल संध्या शर्मा बताती है कि स्कू  ल में एक कक्ष अंधेरी गुफा जैसा था। उसमें जाने से भी शिक्षक व बच्चे कतराते थे। कमरा बिल्कुल कबाड़े में तब्दील था। बारिश के दिनों में पानी टपकता था।

पुरस्कृत शिक्षक फोरम के अध्यक्ष व वरिष्ठ शिक्षक मनोज भारद्वाज ने भामाशाह धर्मेन्द्र पारीक का सहयोग लेकर उसे आज चमन कर दिया। वाटर प्रुफिंग छत तैयार कर उसका पूरा जीर्णोद्धार कार्य करवाया। रंगाई-पुताई करवा कर बिजली की फिडिंग करवाई। फर्श पर कारपेट बिछवाया और बच्चों के लिए नई लैब तैयार कर दी। यहीं नहीं बच्चों के संदेश देने वाले कोरोना, जल बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे स्लोगन लिखवाए। यहां दस कम्प्यूटर व पंखे लगवाकर शानदार लैब तैयार करवा दी। आज यहां आने पर सुकू  न महसूस होता है और बच्चों के कई आयोजन भी होते है। नोडल की बैठकें होती है। इस कार्य में करीब 50 से 60 हजार का खर्चा आया।

चारदीवारी भी बनावा दी

प्रिंसिपल ने बताया कि बरसों से स्कू  ल की चारदीवारी भी नहीं थी। परिसर सुअरों, गायों व आवारा पशुओं का अड्डा बना हुआ था। यहां विधायक प्रतिनिधि कपिल विजय की पहल पर दस लाख की लागत से साफ फीट ऊंची चारदीवारी खड़ी कर दी। उसके बाद हरित पाठशाला के माध्यम से प्रत्येक शिक्षक ने अपने नाम के पौधे लगाकर यहां नर्सरी तैयार कर दी। यहां 25 गमलों में अलग-अलग प्रजातियों के पौधे लगवाए है।

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