शहर की सड़कें सुरक्षित नहीं, घर से निकलने में लगता है डर

शहर की सड़कें सुरक्षित नहीं, घर से निकलने में लगता है डर
city roads become denger, no one feel safe when they go for out

Mukesh Gaur | Updated: 13 Aug 2019, 05:30:29 PM (IST) Kota, Kota, Rajasthan, India

मॉर्निंग वॉक पर निकले रिटायर्ड बैंक अधिकारी पर श्वानों का हमला, सिस्टम पर भरोसा नहीं, लोगों से अपील-संभलकर चलें, सचेत रहें

कोटा. शहर में शासन और प्रशासन नाम की व्यवस्था बेमानी हो गई है। शहर की सड़कें अब सुरक्षित नहीं बचीं। किसी की आवारा मवेशियों के कारण जान चली गई तो तो किसी के बच्चे को श्वानों ने घर के बाहर हमला कर लहुलूहान कर दिया। ऐसा भी हुआ है कि राह चलते व्यक्ति को श्वानों ने काट लिया। इतना कुछ होने के बावजूद कोई सुनने वाला जैसे है ही नहीं। आखिर कहां जाएं, किसे अपनी पीड़ा बताएं, कौन सुनेगा। क्या हम नेताओं के लिए वोट उगलने वाली मशीन हैं। वोट बटोरे और पांच साल के लिए गायब। यह पीड़ा बयां है बजरंग नगर निवासी रिटायर्ड बैंक अधिकारी ओमप्रकाश मीणा की।


बैंक में मुख्य प्रबंधक पद से सेवानिवत्त हुए मीणा सुबह पांच बजे बजरंग नगर से घूमते हुए कोटडी रोड गुमानपुरा में सेन्ट्रल स्क्वायर मॉल जैन मंदिर के पास से गुजर रहे थे। यहां पहले से पांच-छह श्वान बैठे थे। अचानक श्वानों ने मीणा पर हमला कर दिया। वे संभलते ससे पहले श्वानों ने उन्हें घेर लिया। दो ने हमला कर उनके पेट पर काट लिया, एक श्वान ने उनकी गर्दन पर काटने का प्रयास किया, लेकिन मीणा ने उसे भगा दिया। इसके बाद उन्होंने जान बचाकर भागने का प्रयास किया, लेकिन श्वानों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। वह दौड़ते हुए गिर गए। गनीमत थी कि इसी दौरान एक साइकिल सवार वहां से गुजर रहा था, उसने पत्थर फेंककर श्वानों को भगाया। मीणा ने बताया कि श्वान उनके ऊपर जंगली जानवरों की तरह एक साथ टूट पड़े। एक श्वान गले पर हमले के लिए चढ़ गया था, यदि वह गले पर काट लेता तो जान बचना मुश्किल हो जाती। मीणा के पेट पर गहरे घाव हैें। उन्हें रैबिज के टीके लगाए जा रहे है। मीणा ने पत्रिका कार्यालय में अपना दर्द बताया कि कोटा शहर की सड़कों मवेशियों और श्वानों का ऐसा तांडव उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। शहर की सड़कें अब लोगों के चलने के लिए सुरक्षित नहीं रहीं।

 

आखिर कौन जिम्मेदार
मीणा ने बताया कि शहर में श्वान हिंसक हो गए हैं, यदि इनको पकड़ा नहीं गया तो बड़ा हादस हो सकता है। नगर निगम में श्वानों को पकडऩे के लिए फोन किया तो जवाब मिला कि निगम श्वान नहीं पकड़ता है। उनका सवाल था कि आखिर हिंसक श्वानों को कौन पकड़ेगा। क्या प्रशासन किसी भी जान चले जाने इंतजार कर रहा है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की है कि स्वयं संभल चलें, खुद सचेत रहें।


दस वर्षीय बालक को किया था लहुलूहान
कुन्हाड़ी के रिद्धि-सिद्धि नगर निवासी शरद जैन के दस वर्ष बालक रिषभ जैन पर पिछले दिनों घर के पास ही श्वानों ने हमला कर दिया था। इससे वह लहुलूहान हो गया था। शरद जैन ने बताया कि पार्षद ने श्वानों को नहीं पकडऩे की बात की थी। इस बारे में उन्होंने स्वायत्त शासन मंत्री को भी पत्र लिखा था।

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