हाड़ौती में मचा बवाल तो जयपुर में मुख्यमंत्री ने ली बैठक

हाड़ौती में मचा बवाल तो जयपुर में मुख्यमंत्री ने ली बैठक

Shailendra Tiwari | Updated: 20 Dec 2018, 11:04:50 PM (IST) Kota, Kota, Rajasthan, India

उर्वरक मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

जयपुर. राज्य में यूरिया की किल्लत के बने हालात को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने यूरिया वितरण की जानकारी ली और केन्द्र से यूरिया आपूर्ति की निरन्तरता संबंधी समन्वय के लिए प्रमुख शासन सचिव (कृषि) अभयकुमार को दिल्ली भेजा है। दिल्ली स्थित अतिरिक्त आवासीय आयुक्त डॉ. प्रतिभा सिंह को भी इस मामले में उर्वरक मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
गहलोत ने कहा कि प्रदेश के किसानों के समक्ष यूरिया सहित अन्य उर्वरकों की कमी नहीं आने दी जाएगी। केन्द्र सरकार से समन्वय के साथ जिला स्तर तक निगरानी एवं आपूर्ति दुरुस्त करने की पुख्ता व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने केन्द्र सरकार के उर्वरक सचिव से फोन पर बात की और पर्याप्त यूरिया उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

गहलोत ने मुख्यमंत्री कार्यालय में बुधवार को कृषि तथा सहकारिता विभाग के अधिकारियों की बैठक में यूरिया एवं उर्वरकों की पर्याप्त आपूर्ति तय करने के निर्देश दिए थे। बैठक के दौरान अभयकुमार ने बताया कि वर्ष 2018-19 के रबी सीजन के लिए अब तक 5 लाख 64 हजार टन यूरिया की आपूर्ति हुई है तथा 2 लाख टन यूरिया शीघ्र मिल जाएगा। यूरिया की 7 रेल रैक रवाना हो चुकी हैं और 13 रेल रैक मंगवाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

हाड़ौती में गुरुवार को भी यूरिया की लिए मारामारी मची रही। नैनवां में खाद का ट्रक आते ही भगदड़ मच गई है। इसमें तीन किसान घायल हो गए। पुलिस ने लाठियां फटकार कर किसानों को काबू में किया। समूचे संभाग में शहर से लेकर गांवों तक यूरिया के लिए किसानों की लम्बी कतारें लगी है। किसानों का अब धैर्य जवाब देने लग गया है। अब हाड़ौती में कानून व्यवस्था बिगडऩे की नौबत आ गई है। ऐहतियात के तौर पर अब पुलिस के पहरे में खाद का वितरण चालू कर दिया गया है। राशनिंग शुरू हो गई है। कोटा में किसानों को दो से पांच कट्टे तथा बूंदी में प्रत्येक किसान को एक ही कट्टा यूरिया दिया जा रहा है। सत्ता पक्ष के ही विधायक आंदोलन पर उतर गए हैं। प्रदेश के सबसे बड़े यूरिया प्लांट चम्बल फर्टिलाइजर्स एण्ड केमिकल्स लि. (सीएफसीएल) के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया है।

कृषि विभाग के मुताबिक इस बार हाड़ौती रबी की फसलों के लिए करीब दो लाख मीट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। अब तक करीब 1.45 लाख मीट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति की जा चुकी है। चुनाव के दौरान खाद की आपूर्ति गड़बड़ा गई थी। इस कारण खाद की किल्लत हो गई है। किसानों के भारी दबाव के बाद अब पन्द्रह दिन में ही 30 मीट्रिक टन यूरिया आवंटित किया जा चुका है। अब भी किसानों को मांग के अनुरूप खाद नहीं मिलने रहा है। इस कारण किसान भारी गुस्सा है और आए दिन अधिकारियों को घेर रहे हैं। ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से खाद का वितरण हो रहा है। कोटा, बूंदी, बारां तथा झालावाड़ जिले में सभी जगह गुरुवार को किसानों की कतारें लगी रही। सहकारी समितियों पर आए दिन हंगामा हो रहा है। सहकारिता विभाग ने यूरिया को लेकर कानून व्यवस्था बिगडऩे की आशंका जताई है। वितरण के दौरान पुलिस जाप्ता उपलब्ध कराने की मांग की है। उधर संभागीय आयुक्त के.सी. वर्मा ने बैठक बुलकार अधिकारियों को चौकसी बढऩे के निर्देश दिए हैं। सांगोद के नवनिर्वाचित विधायक भरतसिंह ने शनिवार को सीएफसीएल के बाहर प्रदर्शन का ऐलान किया है।

 

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