बिजलीघरों की कंगाली में कोयला गीला

पहले प्रदेश के बिजलीघर कोयले की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से परेशान थे। अब बारिश में गीला व घटिया कोयले की सप्लाई से जूझ रहे है। बारिश बिजलीघरों को झटका दे रही है।

 

 

 

By: Abhishek Gupta

Updated: 22 Sep 2021, 08:33 PM IST

कोटा. पहले प्रदेश के बिजलीघर कोयले की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से परेशान थे। अब बारिश में गीला व घटिया कोयले की सप्लाई से जूझ रहे है। बारिश बिजलीघरों को झटका दे रही है। गीला व घटिया कोयले से बिजलीघरों को 50 से 70 प्रतिशत उत्पादन क्षमता से चलाना पड़ रहा है। इससे बिजली उत्पादन की लागत पर सीधा असर पड़ रहा। साथ ही कोयले की अनलोडिंग में भी समय बर्बाद हो रहा है। डेमरेज के रूप में उत्पादन निगम को करोड़ों रुपए का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। गीले कोयले की आपूर्ति से सभी बिजलीघरों में मापदंड बिगड़ गए हैं।
घटिया कोयले की आपूर्ति होने से मंगलवार सुबह झालावाड़ के कालीसिंध थर्मल पावर की दूसरी यूनिट में उत्पादन ठप हो गया। बार-बार ट्रिप मारने से दूसरी यूनिट मरम्मत के लिए 36 घंटे के लिए बंद करनी पड़ी। कोटा व छबड़ा सुपर पावर थर्मल स्टेशन में भी खराब, गीले कोयले की आपूर्ति हो रही है। कोटा थर्मल में रोजाना कोयले की चार रैक पहुंच रही है। छबड़ा थर्मल में रोजाना 3 रैक पहुंच रही है। दोनों बिजलीघरों में रोजाना 1-1 रैक में गीला कोयला पहुंच रहा है।

बिजलीघरों के यह मापदण्ड बिगड़े

अनलोडिंग में दोगुना समय लग रहा।
कोयला कोल यार्ड में खाली नहीं हो रहा।

लाखों का डेमरेज यानी पैनल्टी लग रही।
ग्रॉस कैलोरिफिक वेल्यू 2500 से बढ़कर 3000 पहुंच गई।

हीट रेट में वृद्धि हो गई।
चार गुणा ऑयल की खपत बढ़ी। क्योंकि बायलर का तापमान मेंटेन करने में समय लग रहा। ऑयल गन लगानी पड़ रही है। महंगे ऑयल की खपत हो रही है।

ऐसे बढ़ी बिजली लागत

बिजलीघरों से 3.25 से 3.60 रुपए प्रति यूनिट से बिजली की लागत आती है। गीले कोयले से अब 4 से 4.50 प्रति यूनिट लागत आएगी।

इनका यह कहना
लोड अचीव नहीं हो रहा

बारिश के चलते छत्तीसगढ़ खदान से गीला कोयला आ रहा है। कोटा में प्रतिदिन चार रैक पहुंच रही है। इनमें से एक रैक गीले कोयले की निकल रही है। इससे लोड अचीव नहीं कर पा रहे हैं।
वीके गोलानी, मुख्य अभियंता, कोटा थर्मल

यूनिट दो बंद कर दी

यूनिट दो मंगलवार को 36 घंटे के लिए बंद की गई है। बार-बार ट्रिपिंग से परेशानी आ रही थी। सारी स्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। कोयला अभी खराब ही आ रहा है। इससे उत्पादन पर तो असर होता है, यूनिट भी फु ल लोड पर नहीं चल पा रही है।
केएल मीणा, मुख्य अभियंता, कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट

अनलोडिंग में भी समय लग रहा

छबड़ा सुपर थर्मल में गीला कोयला पहुंच रहा है। यहां तीन रैक रोजाना पहुंच रहा है। एक रैक में गीला कोयला पहुंच रहा है। इससे बिजली उत्पादन पर असर पड़ रहा है और अनलोडिंग में भी समय लग रहा है।
अजय सक्सेना, मुख्य अभियंता, छबड़ा सुपर थर्मल पावर स्टेशन

Abhishek Gupta
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