खानपान व बिगड़ी दिनचर्या से बढ़े ह्रदय रोगी

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में प्रत्येक माह औसतन 10 मरीज ह्नदयघात की बीमारी के पहुंच रहे हैं। इसमें से करीब 6 मरीजों को गंभीर हालात में कोटा रैफर करना पड़़ता है। बाकी 4 की मौत हो रही है। यदि इनमें पूरे उपखंड के अस्पतालों के आंकड़ों को शामिल किया जाए ते यह आंकड़ा काफी बढ़ जाएगा।

 

By: Dilip

Updated: 01 Mar 2020, 09:31 PM IST


रावतभाटा. मिलावटी खाना व बिगड़ी दिनचर्या ने आमजन को दिल की बीमारी का मरीज बनाना शुरू कर दिया है। यदि आंकड़ों पर नजर डालें तो सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में प्रत्येक माह औसतन 10 मरीज ह्नदयघात की बीमारी के पहुंच रहे हैं। इसमें से करीब 6 मरीजों को गंभीर हालात में कोटा रैफर करना पड़़ता है। बाकी 4 की मौत हो रही है। यदि इनमें पूरे उपखंड के अस्पतालों के आंकड़ों को शामिल किया जाए ते यह आंकड़ा काफी बढ़ जाएगा। कई लोग ह्रदय घात होने पर परिजनों को सीधे ही चितौडग़ढ़, कोटा या फिर भीलवाड़ा लेकर जाते हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी डॉ. अनिल जाटव ने बताया कि आजकल आमजन का खानपान ठीक नहीं है। गलत दिनचर्या, बीड़ी, सिगरेट व शराब के सेवन के कारण ह्रदय के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। खाद्य पदार्थों में मिलावट भी कारण है। ये मिलावटी पदार्थ बीमारियां बढ़ा रहे हैं। लोग बिना सोचे समझे बाहर का खाना जैसे फास्ट फूड, जंक फूड, शराब व बांसी भोजन करते हैं। यह सभी ह्रदय घात की बीमारियों को जन्म देता है।
यूं होता है हार्टअटैक
अस्पताल प्रभारी ने बताया कि लोग तली चीजों का ज्यादा सेवन करते हैं, जिससे कोलेस्ट्रोल व मोटापे को बढ़ावा मिलता है। जले तेल का इस्तेमाल भी स्वास्थ्य के लिए घातक है। मिलावटी व खराब तेल से कोलेस्ट्रोल बढ़ता है। यह धमनियों में जमना शुरू हो जाता है। जमा कोलेस्ट्रोल जब फुटता है तो यह आगे जाकर हार्ट की छोटी धमनियों में जमा हो जाता है। वह हार्ट में रक्त के प्रभाव को रोक देता है।
यह है ह्रदय घात के लक्षण
बोराव प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी डॉ. घनश्याम सिंह शेखावत ने बताया कि ह्रदय घात से पहले शरीर के ऊपरी भाग में तेज दर्द होता है। चक्कर आते हैं। सीने व जबड़े में दर्द, जी मिचलना, उल्टी होना, पेट खराब होना व सांस लेने में परेशानी व पसीना आता है।
इतनी मौतें व रैफर
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में यह मरीज पहुंचे हैं। मार्च में 1 की मौत व 5 रैफर हुए। अप्रेल 3 की मौत 5 रैफर, मई में 4 की मौत व 2 रैफर, जून में 1 की मौत व 4 रैफर, जुलाई में 3 की मौत व 8 रैफर, अगस्त मेंं 4 की मौत 7 रैफर, सितम्बर 5 की मौत 7 रैफर, अक्टूबर 3 की मौत 2 रैफर, नवम्बर 2 की मौत व दिसम्बर 4 की मौत हुई। इसी तरह से जनवरी 1 की मौत 9 रैफर व फरवरी में 2 की मौत 6 रैफर हुए हैं।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned